तकनीकी गड़बड़ी के बाद ‘सुरक्षित मोड’ में चला गया हब्बल

वॉशिगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया कि हब्बल अंतरिक्ष टेलीस्कोप के एक गाइरोस्कोप के काम बंद कर देने के बाद उसे ‘सुरक्षित मोड’ में रख दिया गया है। नासा 5 अक्टूबर से सुरक्षित मोड पर रखे गए अंतरिक्ष यान के वैज्ञानिक क्रिया-कलापों को फिर से शुरू कर पाने के लिए प्रयास कर रही है।

नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने एक बयान में कहा कि हब्बल के उपकरण पूरी तरह से काम कर रहे हैं और आने वाले सालों में विज्ञान के क्षेत्र में इनसे बेहतरीन नतीजे मिलने की उम्मीद है। सुरक्षित मोड टेलीस्कोप को एक स्थिर स्थिति में तब तक रखता है।

जब तक कि ग्राउंड कंट्रोल (निगरानी करने वाला उपकरण या कर्मी) इस समस्या को सुधार नहीं लेता और मिशन फिर सामान्य रूप से काम नहीं करने लगता। अतिरिक्त गाइरोस्कोप के साथ बने हब्बल में 2009 में सर्विसिग मिशन-4 के दौरान छह नए गाइरोस्कोप लगाए गए थे। हब्बल आमतौर पर अधिकतम कार्यक्षमता के लिए 3 गाइरोस्कोप का इस्तेमाल करता है लेकिन वह एक के साथ भी वैज्ञानिक अवलोकन करना जारी रख सकता है।

बंद पड़ा गाइरोस्कोप लगभग एक साल से खराब होने के लक्षण प्रदर्शित कर रहा था और उसका काम बंद कर देना अप्रत्याशित नहीं था। इसी तरह के दो और गाइरोस्कोप पहले भी बंद पड़ चुके थे। प्रयोग के लिए उपलब्ध शेष तीन गाइरोस्कोप को तकनीकी तौर पर सुधारा गया और इसी कारण से उनके तुलनात्मक रूप से लंबे समय तक काम करने की उम्मीद है।

इन्हीं में से दो उन्नत किए गए गाइरोस्कोप फिलहाल काम कर रहे हैं। नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर और स्पेस टेलीस्कोप साइंस इंस्टीट्यूट के कर्मी गाइरोस्कोप को फिर से काम करने लायक बनाने के लिए विकल्पों का आकलन एवं जांच कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *