सेना पर दिए गए विवादित बयान के मामले में अदालत ने पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां को समन जारी किया है। अदालत ने 28 सितंबर को आजम खां से हाजिर होने को कहा है। भाजपा नेता आकाश सक्सेना हनी ने इस मामले में आजम खां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां ने सपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की मीटिंग बुलाई थी। इसमें सेना पर भी विवादित बयान दिया गया था। इसे लेकर भाजपा ने विरोध किया था और आजम खां के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। बाद में लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष आकाश सक्सेना हनी ने सिविल लाइन्स कोतवाली में धारा 505 एवं 153 अ के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
एफआईआर में कहा था कि देश कि सुरक्षा में लगे जवानो पर आज़म खां का बयान अमर्यादित और निन्दनीय है। सैनिकों की वजह से आज देश सुरक्षित है। आज़म का यह बयान मन को आघात पहुंचाने वाला है, इसलिए आज़म खां के खिलाफ सैनिकों के अपमान का केस दर्ज कर कार्रवाई की जाए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद आजम खां के बयान की सीडी को फारेंसिक जांच के लिए आगरा भेजा गया था जिसमें आज़म की आवाज की पुष्टि हो गयी थी। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उकत मामले की सुनवाई करते हुए आजम खां को समन जारी कर दिया है। समन में 28 सितंबर को अगली तारीख तय करते हुए आज़म खां को कोर्ट में हाजिर होने को कहा गया है।













