एक साइंटिफिक स्टडी से पता चला है कि रोज़ाना मूंगफली खाने से दिमाग में इंसुलिन रिस्पॉन्स बेहतर होता है, जो खासकर बुज़ुर्ग लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
‘फूड एंड फंक्शन’ में प्रकाशित 2026 के एक रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल से पुष्टि होती है कि अधिक उम्र के लोगों द्वारा बिना नमक वाली, छिलके सहित भुनी हुई मूंगफली का रोज़ाना सेवन करने से, मस्तिष्क के कुछ हिस्सों में इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता (insulin responsiveness) पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
नीदरलैंड्स के मास्ट्रिच यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन से पता चलता है कि खान-पान की एक साधारण आदत, बढ़ती उम्र वाले मस्तिष्क में बायोलॉजिकल सिग्नलिंग को कैसे प्रभावित कर सकती है।
मास्ट्रिच यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के एक्सपर्ट्स ने पार्टिसिपेंट्स को 16 हफ़्तों तक रोज़ाना 60 ग्राम भुनी हुई (बिना छिलके वाली और बिना नमक वाली) मूंगफली खिलाई और फिर नतीजों की तुलना उस समय से की जब उन्होंने मूंगफली नहीं खाई थी।
नतीजों से पता चला कि दिमाग के दाहिने हेमिस्फ़ेयर में और खासकर हिप्पोकैम्पस के आस-पास के एरिया में इंसुलिन का रिस्पॉन्स बेहतर हुआ, ये सभी मेमोरी और सीखने की प्रोसेस को कंट्रोल करते हैं।
दिमाग में इंसुलिन न्यूरॉन्स, मेमोरी और सीखने के बीच कम्युनिकेशन में अहम भूमिका निभाता है। उम्र बढ़ने के साथ, दिमाग की इंसुलिन लेने की क्षमता कम हो जाती है, जो भूलने की मुख्य वजह है।
क्लिनिकल न्यूट्रिशन में पब्लिश हुई इसी टीम की 2025 की एक स्टडी से यह भी पता चला कि इस 16-हफ़्ते के डाइट प्लान से दिमाग में कुल ब्लड फ़्लो 3.6 प्रतिशत बढ़ा और वर्बल मेमोरी 5.8प्रतिशत बेहतर हुई।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि मूंगफली में मौजूद अनसैचुरेटेड फैट, फाइबर, विटामिन, मिनरल और L-आर्जिनिन नाम का एक एमिनो एसिड मिलकर नाइट्रिक ऑक्साइड बनाते हैं, जो वैस्कुलर हेल्थ और ब्लड फ्लो को बेहतर बनाता है।