यूके के सबसे बुज़ुर्ग जीवित व्यक्ति और दूसरे विश्व युद्ध के सैनिक ओवेन फाइलर ने 107 साल की उम्र में लंबी और खुशहाल ज़िंदगी का राज़ बताया है। युद्ध के दौरान वह भारत में भी सेवा दे चुके हैं।
अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, ओवेन फाइलर ने बताया कि उन्हें हमेशा से फिश और चिप्स खाना पसंद रहा है और वे इसे अपनी लंबी उम्र का एक कारण मानते हैं। साथ ही वह कहते हैं कि उन्होंने कभी ज़्यादा नहीं खाया और हमेशा हेल्दी खाना खाया है।
फाइलर ने बताया कि पहले ‘कॉड’ या ‘हेक’ नाम की मछलियाँ ज़्यादा इस्तेमाल होती थीं, लेकिन अब वे काफी महंगी हो गई हैं। ओवेन फाइलर का कहना है कि 100 साल से ज़्यादा जीने का कोई जादुई फ़ॉर्मूला नहीं है, बल्कि ज़िंदगी भर कड़ी मेहनत करना, सादा जीवन जीना और हेल्दी रूटीन बनाए रखना ही असली राज़ हैं।
ओवेन फाइलर के अनुसार, रेगुलर डेली रूटीन, कड़ी मेहनत और सिंपल लाइफस्टाइल ने उन्हें खुशहाल ज़िंदगी जीने में मदद की है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी लंबी उम्र की सबसे बड़ी वजह लोकल चिप शॉप पर रेगुलर जाना है।
आगे उन्होंने बताया कि 14 साल की उम्र में स्कूल छोड़ने के बाद उन्होंने कड़ी मेहनत करना शुरू कर दिया और दूसरे वर्ल्ड वॉर के दौरान सेना में सेवा दी। वह रॉयल वेल्श फ्यूसिलियर्स और मिलिट्री पुलिस से जुड़े थे और उन्होंने ग्रेट वॉर के दौरान भारत में भी सेवा दी थी।
अपने पसंदीदा कम्फर्ट फ़ूड के अलावा, उन्होंने कहा कि सौ साल से ज़्यादा जीने का कोई जादुई तरीका नहीं है। इसके बजाय, वह पूरी ज़िंदगी कड़ी मेहनत और सादा, ईमानदार जीवन जीने की ओर संकेत करते हैं।
विदेशी मीडिया के अनुसार, ओवेन फाइलर के परिवार और दोस्तों का कहना है कि ओवेन आज भी हर सुबह एक मकसद के साथ उठते हैं, साफ कपड़े और टाई पहनते हैं और अपने जूते खुद पॉलिश करते हैं।