नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट तक जाने वाले मार्च में सम्मिलित जन समूह से शुक्रिया कहा है। बीते दिन को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए राहुल गाँधी ने कहा कि हमें सरकार को यह दिखाना था कि भारत की जनता डरने वाली नहीं है। अपने संबोधन में कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि मुझे आप सभी पर गर्व है। सबने एक टीम की तरह काम किया।
इस विरोध प्रदर्शन को कांग्रेस पार्टी ने ‘चलो दिल्ली-लोकतंत्र के लिए मार्च’ नाम दिया। इस मार्च में सम्मिलित कार्यकर्ताओं और जनसैलाब ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, ज्ञानेश कुमार और भाजपा के खिलाफ ज़ोरदार नारेबाजी की।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आज के इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले हर एक व्यक्ति का मैं दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं। उन करोड़ों लोगों का भी धन्यवाद, जिन्होंने दोपहर 3 बजे अपने-अपने तरीके से इस आंदोलन को समर्थन दिया। इंडिया गठबंधन के नेताओं, कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और गठबंधन के तमाम कार्यकर्ताओं का भी बहुत-बहुत धन्यवाद।
नेता प्रतिपक्ष ने लोकसभा में कहा कि आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण था। उन्होंने आगे कहा कि हमें सरकार को यह दिखाना था कि भारत की जनता डरने वाली नहीं है। आप हमें मारिए, धमकाइए, डराने की कोशिश कीजिए, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। हम आपकी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जैसा कि मैंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ये अलग-अलग प्रदर्शन नहीं हैं। यह एक ही आंदोलन है, जिसमें हम सब एक साथ खड़े हैं। हममें से हर एक व्यक्ति संविधान के इन हत्यारों, हमारे लोकतंत्र को कुचलने वालों के ख़िलाफ़ खड़ा होगा। और हम एक कदम भी पीछे नहीं हटेंगे।
गौरतलब है कि वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के तमाम बड़े नेता दिल्ली में बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकाला। राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाले इस मार्च में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और ‘इंडिया’ गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता सहित आइसा लीडर नेहा बोरा ने भी शिरकत की।
सभी ट्रक पर सवार होकर बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट के लिए रवाना हुए। भारी संख्या में नेता और कार्यकर्ता पैदल ही कोर्ट की तरफ रवाना हुए। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी अपने सांसदों के साथ इस मार्च में पैदल शामिल हुईं। इन सभी के साथ आमजन का सैलाब चलता नज़र आया जिनमें स्टूडेंट, आम नागरिक और वकीलों ने भी शिरकत की।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सीपीआई महासचिव डी राजा ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली ने ऐसा विरोध प्रदर्शन पहले कभी नहीं देखा। पूरे देश के लोगों में गुस्सा है। जिस तरह से ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने हुए हैं, वह लोगों को मंज़ूर नहीं है। आगे उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में चुनाव आयोग ने संविधान के तहत तय संवैधानिक संस्था के तौर पर काम नहीं किया है। इसलिए लोग मांग कर रहे हैं कि उन्हें इस्तीफा देना चाहिए या उन्हें हटा दिया जाना चाहिए।