भारत का अपना स्पेस स्टेशन बनेगा: राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस इसरो प्रमुख बोले

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर इसरो प्रमुख वी नारायणन ने जानकारी दी है कि भारत तक अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की तैयारी कर रहा है। साल 2035 तक इस स्टेशन की स्थापना और साल 2028 में पहला मॉड्यूल लॉन्च करने की योजना है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, करीब 52 टन वजनी यह स्टेशन धरती से लगभग 400 किमी ऊपर स्थापित किया जाएगा। पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित इस स्पेस स्टेशन पर भारतीय अंतरिक्ष यात्री 15 से 20 दिनों तक रहकर शोध कर सकेंगे। यह जानकारी इसरो प्रमुख वी नारायणन ने अहमदाबाद में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में दी।

आगे उन्होंने बताया कि इसकी चरणबद्ध शुरुआत के तहत सबसे पहले भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन का पहला प्राथमिक मॉड्यूल वर्ष 2028 तक अंतरिक्ष में लॉन्च करने की योजना है। इसके बाद अन्य मॉड्यूलों को जोड़कर 2035 तक पूर्ण विकसित स्टेशन तैयार किया जाएगा।

इस राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की थीम है- इनोवेशन, सहयोग और स्पेस सेक्टर में ग्लोबल लीडरशिप की चाहत। ‘अहमदाबाद में तीसरे नेशनल स्पेस डे के अवसर पर वी नारायण ने स्पेस टेक्नोलॉजी में भारत की बढ़ती क्षमताओं पर बात रखी। उन्होंने कहा कि देश अब स्पेस बेस्ड एप्लिकेशन का इस्तेमाल 50 से ज्यादा क्षेत्रों में कर रहा है। इनसे सीधे नागरिकों को लाभ मिल रहा है। इनमें अर्थ ऑब्जर्वेशन सहित रिमोट सेंसिंग, टेलीकम्युनिकेशन, टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग, टेली एजुकेशन, आपदा को लेकर अपडेट और उससे बचाव, हर नागरिक की सुरक्षा और हिफाजत सुनिश्चित करना, नेविगेशन, रियल टाइम मॉनिटरिंग और ट्रैंकिंग शामिल है।

इसरो प्रमुख वी नारायणन ने बताया कि आज हम तीसरा नेशनल स्पेस डे मना रहे हैं। इसरो प्रमुख ने पीएसएलवी मिशन में आने वाली असफलता को इसरो के उत्कृष्ट रिकॉर्ड में अपवाद बताया और कहा कि इस विफलता से गगनयान मिशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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