भारत की अश्मिता चालिहा ने अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीत लिया है। महिला एकल फाइनल प्रतियोगिता में उन्होंने चीन की चौथी वरीयता प्राप्त हान कियान शी को शिकस्त दी। अब अश्मिता इस साल सुपर 300 खिताब जीतने वाली देविका सिहाग और तन्वी शर्मा के बाद तीसरी भारतीय खिलाड़ी हैं।
कोरिया मास्टर्स सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब अश्मिता चालिहा ने अपने नाम कर लिया है। विश्व रैंकिंग में 50वें स्थान पर मौजूद अश्मिता ने पहला गेम हारने के बाद शानदार वापसी की। उन्होंने मुक़ाबले में विश्व में 35वें नंबर की खिलाड़ी हान को 53 मिनट तक चले गेम में हराया। अश्मिता की यह जीत 14-21, 21-14, 21-14 के अंकों के साथ हासिल हुई।
इस टूर्नामेंट में अश्मिता का फाइनल तक का सफर बेहद यादगार रहा। छब्बीस वर्षीय असम निवासी खिलाड़ी अश्मिता का यह पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब था। उन्होंने पहले क्वालिफायर रिरीना हिरामोतो और फिर किम मिन जी को सीधे गेम में शिकस्त दी। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्होंने शीर्ष वरीयता प्राप्त हिना अकेची को 20-22, 21-15, 21-19 से हराया।
अश्मिता की इस वर्ष की उपलब्धियों पर नज़र डालें तो उन्होंने बीडब्ल्यूएफ टूर पर शानदार वापसी के साथ चाइना मास्टर्स और मलेशिया मास्टर्स के क्वार्टर फाइनल और फिर मकाऊ ओपन के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।
इस जीत के साथ ही अब अश्मिता इस साल सुपर 300 खिताब जीतने वाली देविका सिहाग और तन्वी शर्मा के बाद तीसरी भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। इतना ही नहीं, कोरिया मास्टर्स फाइनल की जीत के साथ वह इस वर्ष सिंगल्स बीडब्ल्यूएफ खिताब जीतने वाली चौथी भारतीय महिला बन गई हैं।
गौरतलब है कि अश्मिता से पहले यह खिताब तन्वी ने ताइपे ओपन, पीवी सिंधु ने जापान ओपन और देविका सिहाग ने थाईलैंड मास्टर्स में जीता था।बताते चलें कि सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी अन्य भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने इस साल बीडब्ल्यूएफ खिताब जीता है। उन्होंने मई में सिंगापुर बैडमिंटन ओपन में पुरुष डबल्स का खिताब अपने नाम किया था।