भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एक और गोल्ड मैडल मिल गया है। जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिया। शुक्रवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में उन्होंने कनाडा की हेइडी क्वैच को 2-1 से शिकस्त दी।
रोमांचक मुकाबले में यादगार जीत के साथ अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में देश के लिए पहला स्वर्ण पदक हासिल किया है। फाइनल मुक़ाबले में अस्मिता डे ने शानदार संयम और रणनीतिक कौशल के साथ अंतिम चरण में कनाडाई खिलाड़ी हेइडी क्वैच को 2-1 से हराया।
इन खेलों से एक और उम्मीद भरी खबर यह है कि जूडो में भारत के लिए दो और स्वर्ण पदकों मिल सकते हैं। पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में हर्ष सिंह ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के पेड्रो कार्लोस एंटुन नेटो को हराकर फाइनल में जगह बनाई है जबकि स्वर्ण पदक मुकाबले में उनका सामना ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्ज से होगा।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की यामिनी मौर्या भी फाइनल में पहुंच चुकी हैं। महिलाओं के 57 किलो वर्ग में यामिनी मौर्या ने दक्षिण अफ्रीका की डोने ब्रेयटेनबैक को इप्पोन से शिकस्त देकर फाइनल में जगह बनाई है। इसमें स्वर्ण पदक के लिए उनका सामना इंग्लैंड की एसेलिया टोपराक से होगा।
दूसरी तरफ श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने 89.75 मीटर के थ्रो के जेवेलिन का स्वर्ण पदक हासिल किया। भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा को ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा है। नीरज ने 85.83 मीटर का थ्रो किया। भारत के ही यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर के प्रदर्शन के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
भारत के पास कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अब तक कुल 23 मेडल आ चुके हैं, जिसमें 5 स्वर्ण (गोल्ड), 12 रजत (सिल्वर) और 6 कांस्य (ब्रॉन्ज) पदक शामिल हैं।