प्रदेश में जून के दूसरे सप्ताह तक ठीक-ठाक बारिश हो सकती है- मौसम विभाग

देर से सही मगर अब प्रदेश में गर्मी का असर नज़र आ रहा है। भीषण गर्मी के साथ प्रदेश में आंधी-बारिश जैसी भी स्थिति जारी है। इस उतर-चढ़ाव के बीच अब मॉनसून के जल्द प्रदेश में पहुंचने की संभावना भी सामने आ रही हैं।

प्रदेशवासियों के लिए बेटे दिन भले ही पिछली मई के मुक़ाबले बेहतर गुज़रे हों मगर एक बार फिर से झुलसने वाली गर्मी का अहसास लोगों को हो रहा है। गर्मी और उमस से जनजीवन पर असर पड़ा है। गर्मी की शिद्दत का असर पूर्वी से लेकर पश्चिमी यूपी तक नज़र आ रहा है। लखनऊ में दिन में अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री के आसपास बना रहेगा। तेज हवा के झोंके भी दिन में बने रहेंगे। आने वाले दिनों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार जाएगा।

इस सबके बीच मौसम विभाग ने अलगे सप्ताह में इसी प्रकार का मौसम रहने का अनुमान जताया है। बारिश जैसी स्थिति के बावजूद भी तापमान में कमी आने के संकेत नहीं हैं। हालांकि, मई माह के अंत तक मानसूनी बारिश को लेकर संकेत मिले हैं। दरअसल प्रदेश में इस बार मानसून के पहले पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

पूर्वानुमान के आधार पर मौसम विभाग का कहना है कि केरल में मानसून के आगमन के बाद इसके तेजी से मैदानी इलाकों की तरफ बढ़ने की संभावना है। इस बार मानसून के समय को देखते हुए अगले 10 से 12 दिनों में इसके उत्तर प्रदेश तक पहुंचने की उम्मीद की जा रही है।

मानसून के इस समय और रुट के आधार पर मौसम विभाग का कहना है कि जून के दूसरे सप्ताह तक प्रदेश में ठीक-ठाक बारिश देखने को मिल सकती है। साथ ही 18 जून तक प्रदेश में पूरी तरह से मानसून के प्रभावी होने का अनुमान है। इससे धान की खेती करने वाले किसानों को बड़ा फायदा होने की उम्मीद की जा रही है।

मानसून को लेकर मौसम विभाग का कहना है कि, दक्षिण पश्चिम मानसून 26 मई को केरल तट पर पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर अगले 24 घंटे में मानसून के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

विभाग की मानें तो जून के दूसरे सप्ताह से लेकर तीसरे सप्ताह के बीच उत्तर प्रदेश में मानसून की आमद होती है, लेकिन इस बार मानसून के पहले प्रदेश में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। पहले बारिश शुरू होने से खरीफ फसल को काफी लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

बताते चलें कि प्रदेश आगमन से पहले दक्षिण भारत में बारिश शुरू हो गई है। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि प्री-मानसून बारिश का असर अगले सप्ताह तक उत्तर प्रदेश तक पहुंच सकता है। ध्यान रहे कि केरल में मानसून पहुंचने की तिथि पहली जून होती है। वहीँ इस बार समय से पहले मानसून के पहुंचने से मौसम मौसम विज्ञानी ने भी ख़ुशी ज़ाहिर की हैं।

मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के पश्चिमी भाग में 16 मई यानी शनिवार को भी बारिश जैसी बनने की संभावना है। हालांकि, प्री-मानसून आने में अभी समय है। वहीँ बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बनते सिस्टम के कारण वायुमंडल के ऊपरी भाग में बढ़ी गतिविधियों से बारिश और आंधी जैसी स्थिति बन रही है।

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