वैध यूडीआईडी या रियायती किराया पाने वाले दिव्यांग ही एसएलआरडी और एलएसएलआरडी कोच में बैठ सकेंगे- रेल मंत्रालय

दिव्यांगजनों के लिए चिह्नित अनारक्षित कोचों में मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति होगी। यह कहना है रेल मंत्रालय का। जहाँ अब यूडीआईडी यानी वैध ‘यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड धारक दिव्यांगजन मेल और एक्सप्रेस में सफर कर सकते हैं। एक बयान जारी कर रेल मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी।

इस स्‍पष्‍टीकारण को जारी करते हुए भारतीय रेलवे ने इन कोचों में आम लोगों के बैठने पर सख्‍त कार्रवाई की चेतावनी दी है। भारतीय रेलवे के अनुसार वैध यूडीआईडी या रियायती किराया पाने वाले दिव्यांग ही एसएलआरडी और एलएसएलआरडी कोच में बैठ सकेंगे, अनधिकृत यात्रियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

रेलवे के अनुसार, इन निर्धारित कोचों में यात्रा करते पाए गए अनाधिकृत यात्रियों पर रेल अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सभी रेल मंडलों को संबंधित अधिकारियों के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की सलाह दी गई है, ताकि इन प्रावधानों का उचित कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके।

रेलवे द्वारा यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लक्षित लाभार्थी बिना किसी असुविधा के इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

यात्रा टिकट रखने वाले दिव्यांगजन, सशक्तिकरण विभाग द्वारा जारी वैध यूडीआईडी कार्ड धारक दिव्यांगजन और भारतीय रेल द्वारा रियायती किराया सुविधा प्रदान किए गए दिव्यांगजन इन सुविधाओं का लाभ लेने वाले वैध यात्री माने जाएंगे। दिव्यांगजनों के लिए चिह्नित ‘सेकंड क्लास लगेज-कम-ब्रेक वैन विद कम्पार्टमेंट फॉर दिव्यांगजन’ (एसएलआरडी) या ‘लगेज-कम-सेकंड क्लास लगेज-कम-ब्रेक वैन विद कम्पार्टमेंट फॉर दिव्यांगजन’ (एलएसएलआरडी) कोचों में यात्रा करने की अनुमति होगी।

ध्यान रहे कि ‘दिव्यांगजन कार्ड’ (‘ई-टिकटिंग फोटो पहचान पत्र’ या ईपीआईसीएस) दिव्यांगजनों के लिए रेलवे पहचान पत्र है, जो उन्हें ट्रेन यात्रा पर रियायतें प्राप्त करने की अनुमति देता है।

भारतीय रेल के ‘दिव्यांगजन पोर्टल’ या केंद्र सरकार के ‘सेवा पोर्टल’ के माध्यम सेकार्ड जारी करवाने या उसके नवीनीकरण के लिए आवेदन जमा किए जा सकते हैं। बताते चलें कि कार्ड वैध दिव्यांगता और रियायत प्रमाण पत्र के आधार पर जारी किया जाता है, जिसमें कुछ श्रेणियों के लिए यूडीआईडी कार्ड भी स्वीकार्य है।

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