वैश्विक मंचों पर पर्यावरण संरक्षण पर अपनी बात रखने वाली दीया मिर्जा ने हाल ही में एआई पर अपने विचार साझा किए। वैसे तो दिया जेन ज़ी पीढ़ी को समझदार मानती हैं मगर उनके मुताबिक़ यह पीढ़ी भावुक भी है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में दिया इसके खतरों के प्रति भी सचेत करती हैं। दीया बताती हैं कि कैसे एआई एक पूरी जनरेशन की सोच को बर्बाद कर सकता है। इंटरव्यू में दीया अपने बच्चों समायरा और अव्यान का हवाला देते हुए कहती हैं कि उन्होंने पर्यावरण संरक्षण सिखाया नहीं है, बल्कि करके दिखाया है।
दीया का 5 साल का बेटा बखूबी जानता है कि सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करना है और क्यों नहीं करना है। एक मिसाल के साथ कि हाल ही में उनका बेटा किसी बर्थडे पार्टी में गया था, उन्होंने ढेर सारे प्लास्टिक के गुब्बारे लगाए हुए थे। बाघ के रूप वाला एक प्लास्टिक का गुब्बारा लगा हुआ था, जो वो दिखा रहा था। वहीं मौजूद होस्ट ने कहा कि बेटा आप ले जाओ, तो उसने जवाब दिया- ‘अंकल ये प्लास्टिक का बना हुआ है, मैं इसे लेकर नहीं जाऊंगा।’
दिया इसे एक छोटी सी जीत बतात्ते हुए कहती हैं कि इतने छोटे बच्चे को इस बात की समझ है, क्योंकि उसको आसान तरीके से समझाया गया है कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, तो वो उसे प्रयोग ना करे।
बच्चों को प्रकृति से प्रेम करना सिखाने के बारे में दिया कहती है कि बच्चे को कुछ सिखा नहीं सकते, बस करके दिखा सकते हैं। दिया का कहना है कि उनकी चॉइस और मेरा एक्शन, उसे खुद बताते हैं कि उसे क्या चुनना चाहिए और उसका क्या करना सही होगा।

















