अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को अमान्य घोषित कर दिया है

अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए टैरिफ खत्म करने की बात कही है। इस फैसले से भारत सहित दुनियाभर के उन देशों को राहत मिली है जिनको टैरिफ के बढ़े प्रतिशत से समस्या थी।

अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को अमान्य घोषित कर दिया है

अमरीकी अदालत के इस आदेश के बाद अब भारत पर सिर्फ 10 फीसदी अमरीकी टैरिफ रहेगा। सुप्रीम कोर्ट का यह नया आदेश पहले रद्द किए गए इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) पर आधारित शुल्कों की जगह लेगा।

यूएस ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अब टैरिफ के लिए दूसरे कानूनों का इस्तेमाल किया जाएगा और इस तरह टैरिफ इस साल भी कमोबेश वैसे ही रहेंगे जैसे अभी हैं। उन्होंने कहा कि अब टैरिफ के लिए सेक्शन 232 और सेक्शन 301 का इस्तेमाल किया जाएगा, जिन्हें कई बार कोर्ट में चुनौती दी गई है लेकिन कोर्ट ने उन्हें सही बताया है।

गौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक नया वैश्विक टैरिफ आदेश जारी किया गया है। व्हाइट हाउस से मिली जानकारी में कहा गया है कि यह 10 प्रतिशत शुल्क उन IEEPA शुल्कों की जगह लेगा जिन्हें अभी ख़ारिज किया गया है।

याद दिला दें कि दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार पर एक अंतरिम समझौते के बाद इस महीने की शुरुआत में ट्रंप ने भारत पर लगने वाले आपसी शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था। इस सवाल पर कि क्या नए ‘वैश्विक टैरिफ’ का मतलब, भारत की मौजूदा 18 प्रतिशत टैरिफ दर को अब 10 प्रतिशत किया गया है? पर व्हाइट हाउस के अधिकारी के जवाब में कहा गया, ‘अस्थायी रूप से, हां। जब तक कि एक और टैरिफ अथॉरिटी को लागू नहीं किया जा सकता ताकि एक अधिक उपयुक्त टैरिफ दर लागू की जा सके।’

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया इस बात की पुष्टि करती है कि, कम से कम अस्थायी रूप से, भारत के लिए लागू दर नए धारा 122 प्राधिकरण के तहत 10 प्रतिशत तक गिर जाएगी।

इससे पहले शुक्रवार दोपहर को राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था, ‘भारत व्यापार ढांचे के संबंध में कुछ भी नहीं बदलेगा और वे (भारत) टैरिफ का भुगतान करेंगे और हम टैरिफ का भुगतान नहीं करेंगे।’ उन्होंने अमेरिका-भारत व्यापार सौदे को अब एक उचित सौदा बताया और कहा, ‘हमने थोड़ा फेरबदल किया है।’

गौरतलब है कि अमरीकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने कुछ शुल्कों को लागू करने के लिए IEEPA का उपयोग करने के राष्ट्रपति ट्रम्प के फैसले को रद्द कर दिया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नए आदेश के हवाले से ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले सप्ताह में अतिरिक्त टैरिफ प्राधिकरणों को लागू किया जा सकता है। अमरीकी राष्ट्रपति से जब सवाल किया गया कि क्या टैरिफ दरें बढ़ सकती हैं, तो उनका जवाब था, ‘संभावित रूप से अधिक।’ आगे उन्होंने यह भी कहा कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम उन्हें क्या बनाना चाहते हैं। इस पर ट्रंप ने इशारे में कहा कि धारा 232 और 301 सहित अन्य कानून अभी भी उपलब्ध हैं और आगे की कार्रवाई का समर्थन कर सकते हैं।

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