अफगानिस्तान के कुंदुज़ का रहने वाले तरह साल के बच्चे ने ऐसा कारनाम अंजाम दिया है जिसमे अपनी जान जोखिम में तो डाली ही साथ ही बाक़ी दुनिया को दांतो तले ऊँगली दबाने को मजबूर कर दिया।

दिल्ली हवाईअड्डे पर रविवार सुबह एक तरह वर्षीय लड़का काबुल से दिल्ली आने वाली उड़ान के लैंडिंग गियर डिब्बे में छिपकर यात्रा करते हुए पाया गया। यह घटना 21 सितंबर की सुबह करीब 11:10 बजे की बताई जा रही है।
केएएम एयरलाइंस की फ्लाइट RQ-4401 रविवार को जब दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुई तो एयरलाइन के सुरक्षा कर्मचारियों ने विमान के पास एक बच्चे को टहलते पाया। पूछताछ से पता चला कि वह अफगानिस्तान के कुंदुज शहर का रहने वाला है और बिना टिकट विमान के लैंडिंग गियर वाले हिस्से में छिपकर यहाँ पहुंचा है।
घटना के तुरंत बाद इस बच्चे को पूछताछ के लिए संबंधित एजेंसियों के हवाले किया गया। सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद बच्चे को उसी दिन दोपहर की वापसी वाली फ्लाइट RQ-4402 से वापस काबुल भेज दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि केएएम एयर की फ्लाइट संख्या RQ4401 ने काबुल से दिल्ली तक का सफर 94 मिनट में पूरा किया। यह फ्लाइट भारतीय समयानुसार सुबह 8:46 पर काबुल से उड़कर 10:20 पर दिल्ली के टर्मिनल-3 पर उतरी। अफगानी बच्चा इसी दौरान विमान के पिछले पहिए के ऊपर बने तंग हिस्से में छिपा रहा।
पूछताछ करने पर बच्चे ने सुरक्षा एजेंसियों को बताया कि काबुल एयरपोर्ट पर वह यात्रियों के पीछे-पीछे गाड़ी चलाते हुए रनवे तक पहुंच गया। मौके का फायदा उठाकर वह विमान में चढ़ा और उड़ान से ठीक पहले व्हील वेल में छिप गया।
विशेषज्ञ मानते हैं कि पहियों के बीच होने पर व्यक्ति की पहिए की चपेट में आने से मौत भी हो सकती है। इसके अलावा हवाई जहाज के व्हील वेल में बैठकर यात्रा करना लगभग नामुमकिन है। विमान के उड़ान भरने के बाद ऑक्सीजन तेजी से कम होने और तापमान शून्य से भी बहुत नीचे जाने पर खतरनाक परिस्थितियां सामने आती हैं।
टेकऑफ के बाद जब पहिए अंदर खिंचते हैं तो वह जगह पूरी तरह बंद हो जाती है। ऐसे में मुमकिन है कि यात्री अंदर किसी कोने में फंसकर कुछ देर जिंदा रहा हो।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, अधिकारियों का कहना है कि वह नाबालिग है, इसलिए उसके खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।









