वीरता और सेवा पदक से नवाज़े जाएंगे 1090 लोग- गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय ने इस स्वतंत्रता दिवस पर 1,090 कर्मियों को वीरता और सेवा पदक देने का एलान किया है। यह सम्मान देश के वीरों और सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को दिया जाएगा।

वीरता और सेवा पदक से नवाज़े जाएंगे 1090 लोग- गृह मंत्रालय

इनमें 233 वीरता, 99 राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा और 758 सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं। सम्मान पाने वालों में पुलिस, अग्निशमन, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और सुधार सेवा के अधिकारी हैं।

गृह मंत्रालय की ओर से इस स्वंत्रता दिवस पर 1,090 पुलिस, अग्निशमन, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और सुधार सेवा के कर्मियों को वीरता और सेवा पदक देने की घोषणा की गई है। यह सम्मान उन लोगों को मिलेगा जिन्होंने देश की सेवा में बहादुरी और समर्पण का परिचय दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, गृह मंत्रालय की ओर से कुल 233 कर्मियों को वीरता पदक प्रदान किया जाएगा। इसे मेडल ऑफ गैलंट्री (GM) भी कहा जाता है। इनमें 226 पुलिस, छह अग्निशमन और एक होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस के कर्मी शामिल हैं।

वीरता पदक ऐसे लोगों को दिया जाता है जिन्होंने जीवन और संपत्ति बचाने, अपराध रोकने या अपराधियों को पकड़ने में असाधारण साहस दिखाया है। इस वर्ष के पुरस्कार विजेताओं में 152 जम्मू-कश्मीर, 54 वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों, तीन पूर्वोत्तर और 24 अन्य क्षेत्रों के कर्मी शामिल हैं।

इस अवसर पर कुल 99 प्रेसिडेंट मेडल फॉर डिस्टिंग्विस्ट सर्विस (PSM) यानी राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक दिए जाएंगे। यह सम्मान सेवा में विशेष उत्कृष्ट रिकॉर्ड रखने वाले कर्मियों को दिया जाता है। इनमें 89 पुलिस, पांच अग्निशमन, तीन सिविल डिफेंस व होम गार्ड और दो सुधार सेवा के कर्मी शामिल हैं।

मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (MSM) यानी सराहनीय सेवा पदक से 758 कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। यह पदक कर्तव्य के प्रति समर्पण और संसाधनशीलता के लिए दिया जाता है। इनमें 635 पुलिस, 51 अग्निशमन, 41 सिविल डिफेंस व होम गार्ड और 31 सुधार सेवा के कर्मी शामिल हैं। इन अधिकारियों और कर्मचारियों ने वर्षों तक देश की सुरक्षा और सेवा में योगदान दिया है।

देश के अन्य संवेदनशील इलाकों में तैनात सुरक्षा बलों जिसमे जम्मू-कश्मीर तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्र के कर्मी आते हैं, उन्हें इस वर्ष विशेष मान्यता मिली है। यह ऐसे क्षेत्रों हैं जहाँ सेवा देना अत्यंत जोखिम भरा होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *