वर्ल्ड स्टैण्डर्ड डे यानी विश्व मानक दिवस हर साल 14 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन को मनाए जाने के मक़सद मानकों के महत्व को समझाना और उन्हें दूसरे लोगों तक पहुंचाना है।

हमारे जीवन में मानकों का कितना महत्व है यह हम सभी जानते हैं। आज के दिन मानक बनाने वाली संस्थाओं जैसे आईएसओ और अन्य राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के योगदान के महत्व को समझते हुए इसकी सराहना की जाती है।
विश्व मानक दिवस 2025 के लिए इस बार रखी गई थीम है- “एक बेहतर दुनिया के लिए साझा दृष्टिकोण” (Shared Vision for a Better World) है। यह थीम सहयोग और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में मानकों की भूमिका पर जोर देती है, जिसका उद्देश्य सभी के लिए एक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ भविष्य बनाना है।
विश्व मानक दिवस मनाए जाने का मकसद यही है कि लोग इस बात को समझें कि मानक केवल नियम नहीं, बल्कि हमारी जिंदगी को बेहतर और आसान बनाने वाले टूल हैं। मानक हमें किसी भी ली या दी जाने वाली सेवा की विश्वसनीयता का एहसास करते हैं।
दैनिक जीवन में जब भी हम कोई चीज खरीदते हैं, अथवा कोई सेवा लेते हैं या फिर कोई सामान बनाते चाहे वह खाना पकाना हो या सिलाई, तो इसके लिए कुछ नियम या मानक होते हैं। ये मानक इसलिए बनाए जाते हैं ताकि इन्हे सही स्वाद या आकर दिया। साथ ही गुणवत्ता भी बनी रहे और हिसाब किताब भी।
आईएसओ (International Organization for Standardization) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना 23 फरवरी 1947 को हुई थी। इस संगठन का मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनेवा में है
आईएसओ दुनियाभर के करीब 165 देशों में मानक स्थापित करता है। इस संगठन द्वारा निर्मित मानक विश्व स्तर तकनीकी, औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में में गुणवत्ता और सुरक्षा बनाए रखने में सहायता करते हैं।
यह मानक ही हैं जो किसी भी काम या कारोबार को एक-दूसरे के साथ बेहतर तालमेल बैठने के साथ साख बनाने का काम करते हैं। यही ग्राहक की संतुष्टि का आधार है। विश्व मानक दिवस के अवसर पर जागरूकता अभियान के तहत कई कार्यक्रम और किए जाते हैं। जिससे लोग इन मानकों के फायदे समझ सकें।















