विश्व फार्मासिस्ट दिवस: स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट का योगदान बैकबोन की भूमिका निभाता है

25 सितंबर को वर्ल्ड फार्मासिस्ट डे के रूप में मनाया जाता है। फार्मासिस्ट की भूमिका के महत्व को उजागर करने वाला ये दिन इस विषय और प्रोफेशन के बारे में जागरूकता भी फैलाता है।

विश्व फार्मासिस्ट दिवस: स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट का योगदान बैकबोन की भूमिका निभाता है

प्रत्येक वर्ष फार्मासिस्ट दिवस के लिए एक थीम निर्धारित की जाती है। वर्ष 2023 में विश्व फार्मासिस्ट दिवस के लिए निर्धारित थीम है- फार्मेसी स्ट्रेंथिंग हेल्थ सिस्टम (Pharmacy Strengthening Health Systems)।

जैसा कि थीम से ही स्पष्ट हो रहा है कि फार्मेसी का क्षेत्र स्वास्थ्य प्रणाली को मज़बूती प्रदान करता है। ये वास्तविकता है कि चिकित्सा के क्षेत्र में फार्मासिस्टों के अपरिहार्य योगदान की बदौलत एक मरीज़ को फिर से स्वस्थ बनाना मुमकिन है।

विश्व फार्मेसी दिवस का उद्देश्य सुरक्षित प्रभावी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में फार्मासिस्टों की भूमिका को बढ़ावा देना और उसकी वकालत करना है।

एक फार्मासिस्ट मेडिकल सिस्टम के लिए बड़े ही महत्वपूर्ण काम करता है, जिसमें मरीज को उचित सलाह देना, मरीज़ का उचित इलाज करना तथा बीमारी से लड़ने के लिए उचित दवा उपलब्ध कराने में इनकी बड़ी ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है। फार्मासिस्ट्स के इसी योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए प्रत्येक वर्ष 25 सितंबर को वर्ल्ड फार्मासिस्ट डे मनाया जाता है।

इसके इतिहास पर एक नज़र डालें तो पाते हैं कि फार्मास्युटिकल पेशे को विश्व स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए एक मंच तैयार किया गया। दुनिया भर के फार्मेसी नेताओं की एफआईपी काउंसिल ने 25 सितंबर को विश्व फार्मासिस्ट दिवस का समर्थन करते हुए आज के दिन को विश्व फार्मासिस्ट दिवस के रूप में मानाने का निर्णय लिया।

विश्व फार्मासिस्ट दिवस: स्वास्थ्य सेवाओं फार्मासिस्ट का योगदान बैकबोन की भूमिका निभाता है

गौरतलब है कि 1912 एफआईपी की स्थापना की वर्षगांठ का प्रतीक है। 25 सितंबर यानी विश्व फार्मासिस्ट दिवस को वर्ष 2009 में इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन परिषद (एफआईपी) द्वारा स्वीकृत किया गया था।

इस दिन को मनाने की मांग इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन ने वर्ष 2000 में इस्तांबुल में आयोजित एक सम्मेलन में की थी। सम्मेलन के दौरान इस दिन को मान्यता दे दी गई। और इस तरह पहली बार तुर्की के इस्तांबुल में फार्मेसी और फार्मास्युटिकल साइंस को एफआईपी ने विश्व कांग्रेस में 2009 में मनाया।

यही कारण है कि विश्व फार्मासिस्ट दिवस अभियान का नेतृत्व हर साल एफआईपी द्वारा किया जाता है। साथ ही इसका विषय भी एफआईपी ब्यूरो द्वारा चयनित किया जाता है।

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