आसमान को इस महीने कौन से अद्भुत नज़ारे जगमगाने वाले हैं

इस बार अगस्त के महीने में आसमान में एक नहीं, बल्कि तीन खूबसूरत और अद्भुत नज़ारे देखने को मिलेंगे। कुदरत की बदौलत आसमान में दिखाई देने वाले इन अद्भुत नज़ारों में पूर्णिमा का मनमोहक नज़ारा, बृहस्पति और शुक्र का अद्भुत संयोग और उल्कापिंडों की बौछार का दिलकश मंज़र शामिल है। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, ये खूबसूरत नज़ारे 9 अगस्त से शुरू होंगे जब पूर्णिमा आसमान में चमकती दिखाई देगी।

आसमान को इस महीने कौन से अद्भुत नज़ारे जगमगाने वाले हैं

इस महीने में अगस्त की पूर्णिमा आधिकारिक तौर पर शनिवार 9 अगस्त को सुबह 3:55 बजे ईटी पर चरम पर होगी, एक ऐसा समय जो कुछ दुर्लभ है, जैसा कि लाइवसाइंस की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि पूर्णिमा के सुंदर नज़ारे के कुछ दिन बाद, सुबह जल्दी उठने वाले लोग आसमान में बृहस्पति और शुक्र का अद्भुत संयोग देख पाएँगे।

रिपोर्ट के अनुसार, 12 अगस्त को ये दोनों चमकीले ग्रह सुबह के आसमान में असामान्य रूप से एक-दूसरे के करीब दिखाई देंगे।

भारत में उल्कापिंड की बौछार देखने का सबसे अच्छा समय 13 अगस्त की आधी रात के बाद से सूर्योदय से पहले तक का है। ये दृश्य शहर से दूर स्पीति, लद्दाख, कच्छ के रण या कर्नाटक या उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों से बेहद अद्भुत नज़र आएगा। 16 से 20 अगस्त के करीब जब चांदनी फीकी पड़ने से आसमान फिर से काला पड़ने लगता है, कुछ उल्कापिंडों को देखा जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक़, पर्सिड्स साल की सबसे बेहतरीन उल्कापिंडों की वर्षा में से एक हैं और ये अभी भी हो रही हैं। जुलाई के अंत से होने वाली यह घटना 24 अगस्त तक आसमान को रोशन करती रहेंगी। जिस रात ये सबसे अधिक सक्रिय मानी जाती हैं वह 12 और 13 अगस्त को होगा। बताते चलें कि पर्सिड्स वर्ष उस अवधि को कहते हैं जब पर्सिड्स उल्का बौछार सक्रिय होती है। इसका चरम समय आमतौर पर जुलाई के मध्य से अगस्त के अंत तक और 12 या 13 अगस्त के आसपास माना जाता है।

भारत के आसमान में अगस्त महीने के अंत में कुछ और अद्भुत दृश्य देदेखे जा सकते हैं। 26 अगस्त को सूर्यास्त के ठीक बाद पश्चिम की ओर आसमान में नीचे एक नाज़ुक अर्धचंद्राकार चांद दिखाई देगा और उसके ठीक बगल में एक छोटा सा लाल रंग का बिंदु होगा। यह मंगल ग्रह है। ये दोनों रात लगभग 8:15 बजे क्षितिज के समीप नज़र आएंगे और लगभग एक घंटे तक एक-दूसरे के पास मंडराते हुए दिखाई देंगे, उसके बाद शाम ढलते ही गायब हो जाएंगे। राष्ट्रीय वैमानिकी एवं अंतरिक्ष प्रशासन (NASA) ने कहा है कि यह संयोगबहुत स्पष्ट होगा।

इसके बाद, 11-12 अगस्त की रात को आसमान पर्सीड उल्का बौछार से जगमगा उठेगा और आसमान में प्रकृति के खूबसूरत और अद्भुत नजारे देखने के लिए उत्सुक लोग इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।

अगर आप इस गर्मी में उत्तरी गोलार्ध में अँधेरे आसमान के नीचे हैं, तो आप तीन चमकीले तारों के विशाल ग्रीष्मकालीन त्रिभुज से होकर दक्षिणी क्षितिज की ओर बढ़ती आकाशगंगा का नज़ारा कर सकेंगे

भले ही प्रकाश प्रदूषण आकाशगंगा के चाप (galactic arc) को आपसे छिपा दे, फिर भी आप ग्रीष्मकालीन त्रिभुज में, खासकर ऊपर बाईं ओर डेनेब और क्षितिज के करीब अल्टेयर के बीच, अपनी दूरबीन घुमाकर समृद्ध तारामंडल और नीहारिकाएँ देख सकते हैं।

इसका नज़ारा करने के लिए सबसे अच्छी तारामंडल दूरबीन ज़रूरी है, जिसमें 8×42, 7×50 और 10×50 जैसे बेहतरीन स्पेक्स हों, जो आपको शानदार नज़ारा देंगे।

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