अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस और पीएसी की भर्ती में आरक्षण की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट की बैठक के बाद जानकारी दी कि भारत सरकार की तरफ से शुरू की गई अग्निपथ योजना का पहला बैच 2026 में सेवा से बाहर आएगा। इनमें से 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा और 75 प्रतिशत अग्निवीर सशक्त और कार्यकुशल होकर समाज की मुख्यधारा में पुनः शामिल होंगे।
रिक्तियों के आरक्षण के संबंध में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती हेतु उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी, पीएसी, आरक्षी घुड़सवार एवं फायरमैन की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों यानी जो चार वर्ष की सेवा दे चुके हैं, उन्हें 20 प्रतिशत पद को आरक्षित रखते हुए क्षैतिज आरक्षण प्रदान किए जाने का प्रस्ताव है।
भूतपूर्व सैनिक के सामान अग्निवीर के रूप में की गई सेवा अवधि को घटाते हुए अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी।
कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश में अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी। इस योजना के तहत राशन की जो दुकानें गली या संकरी सड़कों पर हैं, उनके लिए ऐसी जगह भवन बनेगा, जहां आसानी से ट्रक पहुँच सके। इन नए भवनों के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इनमें गोदाम के अलावा वितरण स्थल भी होंगे। इसका निर्माण मनरेगा के तहत होगा।
इसके अलावा बैठक में उत्तर प्रदेश होम स्टे नीति को भी मंजूरी मिल गई है। इस मंज़ूरी के बाद अब धार्मिक स्थलों में होम स्टे का प्रावधान तैयार किया जाएगा। इनमे एक कमरे से लेकर छह कमरे तक की व्यवस्था होगी जिसमे अधिकतम 12 बेड की गुंजाईश हो सके। इन होम स्टे में श्रद्धालुओं को एक साथ सात दिन तक रुकने की व्यवस्था मिल सकेगी।
















