चीन के इतिहास के खलनायक किन हुई और उसकी पत्नी वांग शी (Wang Shi) हर दिन यहाँ की जनता की नफरत झेलने को अभिशप्त हैं। चीन के हांगझोउ शहर में वेस्ट लेक के पास एक मंदिर के पास इन दोनों की लोहे की मूर्ति लगी हुई है। घुटनों के बल पर स्थापित इन मूर्तियों के चेहरे झुके हैं और इनके हाथ पीछे की ओर हैं।

चीन की इन सबसे घृणित मूर्तियों को सैकड़ों वर्षों से दिन में सैकड़ों बार थप्पड़ मारे जाते हैं। उनको रौंदा जाता है और उन पर थूका जाता है। इतनी नफरत झेलने वाली ये मूर्तियां सोंग राजवंश के पूर्व चांसलर किन हुई और उनकी पत्नी की हैं।
पूर्वी चीनी शहर हांग्जो के केंद्र में, इन दोनों की मूर्तियाँ एक बहादुर सेनापति की भव्य समाधि के सामने खड़ी हैं, जिस पर झूठा आरोप लगाकर उसे फाँसी दे दी गई थी।
इन धातु की मूर्तियों को हर दिन सैकड़ों नहीं, बल्कि हज़ारों लोग थप्पड़ मारते और कुचलते हैं। यह जोड़ा चीनी इतिहास में सबसे ज़्यादा घृणा और निंदा की जाने वाली शख्सियतों में से एक है। उनकी लोहे की मूर्तियों को हमेशा अपमान और शर्म के प्रतीक के रूप में प्रदर्शित किया जाता रहा है, ताकि राजद्रोह की उनकी सज़ा हमेशा याद रहे।
मूर्तियों के प्रति घृणा और थप्पड़-लात मारने का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 15वीं शताब्दी के अंत में पहली बार स्थापित होने के बाद से इन्हें 11 बार बदला जा चुका है, और वर्तमान मूर्तियाँ 1979 में स्थापित की गई थीं।
गौरतलब है कि किन हुई 12वीं शताब्दी ईस्वी में चीन में सोंग राजवंश के दौरान चांसलर थे और उन्होंने सोंग और जिन राजवंशों के शासक परिवारों के बीच शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
जनरल यू फी, जिन्होंने न केवल जिन राजवंश के खिलाफ बड़ी जीत हासिल की, बल्कि सोंग साम्राज्य को आक्रमणकारियों से भी बचाया, पर अवज्ञा और राजद्रोह का आरोप लगाया गया और किन हुई ने उन्हें जेल में ही फांसी पर चढ़ा दिया। उनकी मृत्यु के बाद, वे चीन में वफादारी के प्रतीक और एक शहीद के रूप में जाने गए।















