दुनिया भर में 4.2 अरब से अधिक लोग, जो दुनिया की आधी से अधिक आबादी का हिस्सा है, साल 2024 में अपने देशों में होने वाले चुनावों में भाग लेंगे।

अंतर्राष्ट्रीय थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल के मुताबिक, अगले साल 78 देशों में 83 राष्ट्रीय स्तर के या फिर अन्य चुनाव होने हैं। इसके बाद दुनिया को 2048 तक ऐसे हालात दोबारा नहीं देखने को मिलेंगे।
दुनिया भर में चुनावों का ये सिलसिला जनवरी के पहले हफ्ते से शुरू होगा और इस दौरान एशियाई देशों के नागरिक अपने वोटिंग अधिकार को सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर सकेंगे।
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जनवरी में बांग्लादेश, फरवरी में पाकिस्तान और इंडोनेशिया में चुनाव होने वाले हैं, जबकि मई में दक्षिण अफ्रीका में भी चुनाव होंगे। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में भी साल 2024 में प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव होने हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्राजील और तुर्की जैसे कुछ देशों में आम चुनाव नहीं होंगे बल्कि स्थानीय या नगरपालिका चुनाव होंगे जिसमें पूरा देश भाग लेगा। इसी तरह, यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देश ब्लॉक की अगली संसद का चुनाव करेंगे।
अमेरिका और रूस में भी 2024 में राष्ट्रपति चुनाव होंगे, जबकि G7 और G20 के कुछ देशों में भी अगले साल चुनाव होंगे।
इसके अलावा, अल्जीरिया, घाना, चाड, ट्यूनीशिया, नामीबिया और रवांडा सहित अन्य देशों में 2024 में चुनाव होने हैं।
फिनलैंड, बेलारूस, पुर्तगाल, यूक्रेन, स्लोवाकिया, आइसलैंड, बेल्जियम, यूरोपीय संसद, क्रोएशिया, ऑस्ट्रिया, जॉर्जिया और रोमानिया में मतदान के साथ यूरोप में भी अगले 12 महीनों में 10 से अधिक संसदीय और राष्ट्रपति चुनाव होने हैं।
