घर बनाने में थकाने वाली मेहनत के बजाए अगर यह काम केवल एक प्रिंटर की बदौलत हो जाए तो कोई भी अचम्भे में पड़ सकता है। सुनकर अजीब लगेगा मगर सच है। देश के पहले 3D प्रिंटेड विला ने एक सपने को हकीकत में बदल दिया है।
पुणे स्थित इस अनोखे विला में कुछ ऐसा ही देखने को मिलेगा। सोशल मीडिया साइट पर एक कंटेंट क्रिएटर ने यह दिखाकर इस समय तहलका मचा दिया है।
इस निर्माण के मास्टरमाइंड परियोजना निदेशक ने विला को प्रिंट करने के लिए इस्तेमाल की गई तकनीक पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस घर का निर्माण नहीं किया गया है, बल्कि इसे प्रिंट किया गया है।
2038 स्क्वायर फुट के क्षेत्र में बने इस विला को पारम्परिक तरीकों से नहीं बनाया गया है। इसे बनाने में एक विशाल 3D प्रिंटर से मदद ली गई है।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर कहते हैं कि इस घर को बनाया नहीं गया है बल्कि इसे प्रिंट किया गया है। आगे वह कहते हैं कि इस तकनीक में एक बड़ा प्रिंटर प्लॉट पर लगाया जाता है, जो कंक्रीट को परत-दर-परत छापता जाता है।
थ्रीडी प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी न केवल निर्माण क्षेत्र में बल्कि पर्यावरण के प्रति भी अनुकूल नज़र आई है। अभी तक चलन वाली पारंपरिक निर्माण प्रक्रियाओं में जहां संसाधन और समय की अधिक खपत होती थी वहीँ काम के दौरान कचरा भी बहुत उत्पन्न होता था।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर के अनुसार, इसकी हर दीवार दोहरी परतों की होती है और इनके बीच खाली स्थान रखा जाता है। इस जगह का उपयोग पाइप्स और वायरिंग के लिए किया जाता है।
मकान के भीतर की कवरेज में एक बड़े लिविंग स्पेस के अलावा दो बेडरूम देखे जा सकते हैं। थ्रीडी तकनीक से प्रिंटेड यह दीवारें मजबूत होने के साथ बेहतरीन इंसुलेशन की मदद से घर के अंदर के तापमान सालभर आरामदायक बनाए रखने में मददगार हैं।