सप्ताह के पहले दिन शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी देखी गई। इसकी वजह जीएसटी रियायत और टैरिफ के प्रति लिए गए फैसले को बताया जा रहा है।

दिवाली तक जीएसटी पैटर्न में बड़े सुधारों की योजना के साथ एसएंडपी की ओर से भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग में सुधार के चलते इसका अच्छा असर भारतीय बाज़ारों में देखा गया है।
सोमवार को ऑटो, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों ने शेयर बाजार में तेजी को बढ़ावा दिया। इसके नतीजे में कारोबार में भारी उछाल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1,021.93 अंक उछलकर 81,619.59 पर पहुंचा। वहीँ निफ्टी 322.2 अंक बढ़कर 24,953.50 पर आ गया। इसके अलावा शुरुआती कारोबार में अमरीकी डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे बढ़कर 87.45 पर पहुंच गया।
जीएसटी कटौती को बाजार के लिए एक बड़ा रिफॉर्म बताया जा रहा है। एक ओर 28 फीसद का स्लैब खत्म होने जा रहा है वहीँ अधिकतर वस्तुएं 28 फीसद से 18 फीसद के स्लैब में आ जाएंगी।
मीडिया से बात करते हुए जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने बताया कि बाजार के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं। इसके और ऊपर जाने की उम्मीद बनी हुई है। आगे उन्होंने कहा कि दिवाली तक जीएसटी में अगले बड़े सुधारों पर प्रधानमंत्री की घोषणाएं एक बड़ी सकारात्मक बात है। उनके मुताबिक़,एसएंडपी की ओर से भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग में सुधार एक और बड़ी सकारात्मक बात है।
विजयकुमार उम्मीद जताई है कि ज्यादातर वस्तुएं और सेवाएं 5 प्रतिशत तथा 18 प्रतिशत के कर स्लैब में होंगी। ऑटो और सीमेंट जैसे क्षेत्र जो अभी तक 28 प्रतिशत के कर स्लैब में हैं, को लाभ होने की उम्मीद है। उन्होंने संकेत दिया कि बीमा कंपनियों को भी जीएसटी संशोधन से लाभ की उम्मीद है साथ ही टीवीएस मोटर्स, हीरो, आयशर, एमएंडएम और मारुति इस खबर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1,021.93 अंक चढ़ा, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 322.2 अंक बढ़कर कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स की कंपनियों में मारुति, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट और बजाज फिनसर्व सबसे ज्यादा फायदे में रहीं। हालांकि, लार्सन एंड टुब्रो, आईटीसी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और इंफोसिस पिछड़ते नजर आए। एक्सचेंज डेटा के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 1,926.76 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
बताते चलें कि स्वतंत्रत दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी रियायत के साथ टैरिफ धमकियों के आगे न झुकने की बात कही थी, जिसके प्रभाव में बाजार का उछाल बताया जा रहा है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि केंद्र ने अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों का मसौदा राज्यों के बीच वितरित कर दिया है और दिवाली से पहले प्रस्ताव को लागू करने के लिए उनसे सहयोग मांगा है।
इसके अलावा यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध के थमने के संकेत का भी बाज़ार पर सकारात्मक प्रभाव एक कारण है। इसका असर पूरे एशियाई बाज़ारों में देखा जा रहा है। जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे।
इस बीच शुक्रवार को अमेरिकी बाजार अधिकतर गिरावट के साथ बंद हुए थे। वहीँ दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी कमजोर दिखाई दिया। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.05 प्रतिशत गिरकर 65.82 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।















