पासपोर्ट विवाद में बड़ा खुलासा, पुलिस रिपोर्ट में पकड़ा गया तन्वी का झूठ

पासपोर्ट विवाद तूल पकड़ने के बाद भले ही आनन-फानन में तन्वी सेठ का पासपोर्ट उन्हें दे दिया गया था, लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है. दोबारा से पासपोर्ट का वेरिफिकेशन किया जा रहा है, और जिसमें कई गड़बड़ियां पाई गई हैं. ऐसे में अब तन्वी सेठ का पासपोर्ट जब्त भी हो सकता है.

दरअसल तन्वी सेठ के पासपोर्ट की जांच के लिए सोमवार दोपहर पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) के लोग कैसरबाग स्थित ससुराल पहुंचे. पुलिस को तन्वी के लखनऊ में रहने से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिले. क्योंकि तन्वी ने पासपोर्ट में लखनऊ के पते का उल्लेख किया है.

लखनऊ पते पर पहुंची पुलिस

सूत्रों का कहना है कि कैसरबाग स्थित पते पर पहुंचकर पुलिस ने दो घंटे तन्वी के ससुरालवालों से बातचीत की, जिसमें तन्वी ने हाल के दिनों में लखनऊ में लंबे समय तक रहने का कोई सबूत नहीं मिला. जांच टीम ने ससुरालवालों से तन्वी के यहां रहने के दस्तावेज मांगे, लेकिन वो कुछ भी नहीं दे सके. कोई साक्ष्य न मिलने पर तन्वी का पासपोर्ट अटक सकता है. हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार का कहना है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है.

तन्वी ने पासपोर्ट के आवेदन में जो डिटेल दिया गया है, उसके मुताबिक वह गोंडा में जन्मी हैं और कैसरबाग में नाज सिनेमाहॉल के पास चिकवाली गली झाऊलाल बाजार में रहने वाले अनस से उन्होंने शादी की है. उन्होंने अपने आवेदन में नोएडा में रहने की बात भी लिखी है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मुताबिक गोंडा से जांच करा ली गई है.

नियम क्या कहता है…

पासपोर्ट अधिनियम के मुताबिक आवेदक जो पता लिख रहा है, उस पर एक साल रहना जरूरी है. तन्वी ने कैसरबाग स्थित ससुराल का पता दिया है. लेकिन वह एक साल से वहां नहीं रह रही हैं, यह आधार उनका पासपोर्ट खारिज करने के लिए पर्याप्त है. यही नहीं, तन्वी की तरफ से पासपोर्ट आवेदन में अगर कोई जानकारी गलत पाई गई, तो उनके खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम के तहत प्राथमिकी भी दर्ज हो सकती है. हालांकि पुलिस अभी जांच का हवाला दे रही है.

क्या था मामला

बता दें कि कपल ने पासपोर्ट अधिकारी पर धर्म के नाम पर अपमानित करने का आरोप लगाया था. विवाद के तूल पकड़ने के बाद आनन-फानन में तन्वी सेठ का पासपोर्ट उन्हें दे दिया गया था. पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्र ने तन्वी सेठ की शादी के बाद नाम बदल कर सादिया अनस रखे जाने और बदले नाम के कॉलम को खाली छोड़ दिए जाने पर तन्वी से सवाल पूछे थे. साथ ही नोएडा में रहते हुए लखनऊ का पता देने पर पूछताछ की थी. इस मामले को तूल पकड़ते ही पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा का लखनऊ से गोरखपुर का तबादला तक कर दिया गया. लेकिन अब मामले ने नया मोड़ ले लिया है.

 

तन्वी सेठ के पासपोर्ट की जांच करने के लिए सोमवार दोपहर कैसरबाग स्थित ससुराल पहुंची पुलिस व स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) को उसके यहां (लखनऊ) रहने से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिले।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि दो घंटे की पड़ताल और तन्वी के ससुरालीजनों से बातचीत के बाद टीम खाली हाथ लौट आयी। कोई साक्ष्य न मिलने पर तन्वी का पासपोर्ट अटक सकता है। हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार का कहना है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। पुलिस ने तन्वी के मोबाइल की कॉल डिटेल के जरिए लोकेशन तलाशने का प्रयास भी किया है। बताया जा रहा है कि 14 जूने पहले तक तन्वी की लोकेशन नोएडा में देखी गई है।

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