आपको हैरान होने पर मजबूर कर देंगे भारत के ये गांव

कुल्लू : वैसे तो इस धरती पर अजब-गजब चीजें होती रहती हैं, कहीं पर कोई रहस्य निकलता है तो कहीं पर कोई खोज हो जाती है। आए दिन इस दुनिया में कुछ न कुछ होता ही रहता है पर आज हम आपको बताएंगे भारत के कुछ ऐसे गांवों के बारे में जिनके रहस्य को जानकर आप आश्चर्यचकित ज़रूर होंगे। Surprised

Surprised

मलाणा गांव : अपनी कई गतिविधियों को लेकर चर्चित है। यह देश का इकलौता ऐसा गांव है जहां अकबर की पूजा की जाती है।

यही नहीं यहां कोई भारतीय कानून नहीं चलता है, इस गांव के खुद के नियम हैं और इस गांव की खुद की संसद है जो सारे फैसले लेती है।

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के अति दुर्गम इलाके में स्थित मलाणा गांव के बारे में एक रोचक बात ये है कि इस गांव को कोई बाहरी आदमी अगर छू ले तो उस पर 1000 रुपये का जुर्माना लगता है।

पर्यटकों को इस गांव में ठहरने की अनुमति नहीं है, वे गांव से बाहर टेंट लगाकर रहते हैं। अगर इस गांव को किसी पर्यटक ने छू लिया तो उस घर का मालिक पर्यटक से 1000 रुपये वसूलता है। सामान भी पर्यटकों को दुकान से बाहर खड़े होकर मांगना पड़ता है।

शनि शिंगणापुर : आज समूचे विश्व में जहां लूट और चोरी की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही हैं वहीं भारत में एक ऐसा भी गांव है जहां के घरों में दरवाज़ा नहीं है। यहां घर ही नहीं किसी दुकान में भी ताला नहीं लगता है।

जी हां आप सही पढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के नेवासा तालुके में शनि शिंगणापुर भारत का एक ऐसा गांव है जहां बहुत से लोग अपने घरों में दरवाज़े नहीं लगाते हैं। लोगों का मानना है कि यहां की हर चीज़ की रक्षा शनि देव करते हैं।

मुत्तुरु गांव : आज के इस दौर में हम अपनी मातृभाषा हिन्दी को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वहीं भारत में एक ऐसा गांव भी है जहां लोग आज भी संस्कृत बोलते हैं।

कर्नाटक के शिमोगा शहर से लगभग दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित मुत्तुरु गांव अपनी विशिष्ठ पहचान को लेकर सुर्खियों में है। इस गांव के लोग आज भी संस्कृत में ही बातचीत करते नज़र आएंगे।

जानकारी के लिए बता दें कि इस गांव की मातृभाषा संस्कृत है जोकि प्राचीनकाल से चली आ रही है। यहां बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा संस्कृत में ही होती है।

कोडिन्ही गांव : भारत का कोडिन्ही गांव एक ऐसा गांव है जहां पर 350 से ज़्यादा जुड़वा जोड़े रहते हैं। केरल के मलप्पुरम जिले में स्तिथ कोडिन्ही गांव को Twins Village (जुड़वा लोगों का गांव) के नाम से भी जाना जाता है।

विश्व स्तर पर देखा जाए तो 1000 बच्चों में 4 जुड़वा होते हैं, मगर इस गांव में 1000 बच्चों पर 45 बच्चे जुड़वा हैं।

कुलधरा गांव : जैसलमेर जिले का एक ऐसा गांव है जहां पर लोग रात में आने से डरते हैं। लगभग 170 साल से वीरान पड़ा ये गांव कहने को तो एक टूरिस्ट स्पॉट है पर आज भी यहां रात को कोई नहीं आता। लोगों की मानें तो रात को यहां पालीवाल ब्राह्मणों की आवाज़ें सुनाई देती हैं, कोई न होने के बावजूद यहां चहल-पहल रहती है।

www.naqeebnews.com

# Surprised

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *