देश भर में एसआइआर के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया

‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ की दिल्ली समन्वय समिति की ओर से आयोजित इस मार्च में छात्रों, युवाओं और किसानों सहित कई संगठनों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारी तिरंगा और संगठन के बैनर लेकर मार्च में शामिल हुए।

दिल्ली में कालीबाड़ी मार्ग और भाई वीर सिंह मार्ग के चौराहे पर स्थित गोल डाकखाना के पास से यह मार्च शुरू हुआ। इसको देखते हुए बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों ने ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’, ‘एसआईआर रोको’’ और ‘‘वोट चोरी बर्दाश्त नहीं करेंगे’ जैसे नारे लगाए

दिल्ली सहित देश के कई शहरों में किसान संगठनों और कई छात्र और कर्मचारी-मजदूर संगठनों ने एसआईआर के विरोध में शुक्रवार को मार्च निकाला। पुलिस ने इलाके में पहले से निषेधाज्ञा लागू की हुई है जिसके चलते दिल्ली में निर्वाचन आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

वेबसाइट भी शुरू की गई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, ‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ द्वारा एक वेबसाइट भी शुरू की गई है। इसके माध्यम से विभिन्न शहरों में हो रहे प्रदर्शनों की जानकारी मिल सकेगी। इस समूह का कहना है कि 18 राज्यों के 88 शहरों में 145 संगठनों की भागीदारी से प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। समूह ने शुक्रवार को होने वाले प्रदर्शनों की सूची भी जारी की है। इसके साथ ही एसआईआर के खिलाफ अभियान संबंधी पहली नवंबर तक के कार्यक्रमों का शेड्यूल भी बताया है।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ ‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ की दिल्ली समन्वय समिति की ओर से आयोजित इस मार्च में छात्रों, युवाओं और किसानों सहित कई संगठनों ने हिस्सा लिया। मार्च में शामिल प्रदर्शनकारी तिरंगा और संगठन के बैनर लिए हुए थे और ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’, ‘एसआईआर रोको’ तथा ‘वोट चोरी बर्दाश्त नहीं करेंगे’ जैसे नारे लगा रहे थे।

कई संगठनों के नेता इस मार्च में शामिल हुए
सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव सहित इस मार्च में सीपीएम की वरिष्ठ नेता वृंदा करात, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने भी इस प्रदर्शन को समर्थन दिया।

मार्च में दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। किसान संगठन, ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वुमेंस एसोसिएशन (एआईडीडब्ल्यूए), ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन और ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (एआईडीएसओ) ने भी शिरकत की।

सड़क पर भी बैठ गए प्रदर्शनकारी
इस दौरान प्रदर्शनकारी देशभर में विभिन्न संगठनों द्वारा प्रदर्शन की घोषणाओं का जिक्र करते हुए कह रहे थे कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की अधिसूचित सूची से हटाए जाने के बाद देश की हर सड़क जंतर-मंतर बन जाएगी।

प्रदर्शनकारियों को जब दिल्ली पुलिस द्वारा रोका गया तो ये लोग सड़क पर बैठ गए और आयोजकों की घोषणा के अनुसार ‘जन संसद’ आयोजित की। इन प्रदर्शनकरियों की मांग थी कि यह जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल करने का मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र और देश को बचाने की लड़ाई है।

प्रदर्शनकारियों ने किया अनुरोध
आयोजकों का कहना है कि मार्च शांतिपूर्ण और अनुशासित रहेगा। पुलिस जहां भी मार्च को रोकेगी, वहां प्रतिभागी ‘जन संसद’ आयोजित करेंगे। इसके बाद प्रस्ताव पारित किए जाएंगे और राष्ट्रगान गाया जाएगा। एसएफआई ने शुक्रवार को मध्य दिल्ली और जिला मुख्यालयों में एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से राष्ट्रीय ध्वज लेकर मार्च में शामिल होने की अपील की है।

ख़बरों और वायरल वीडियो से पता चला है पटना में भी शुक्रवार को मार्च निकाला गया। यहाँ संयुक्त किसान मोर्चा और ऑल इंडिया किसान सभा सहित लेफ्ट संगठनों ने मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी यहाँ भी एसआईआर पर रोक लगाने और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा मांगने वाले नारे लगा रहे थे।

बेंगलुरु से भी ऐसी ही ख़बरें सामने आई हैं। यहाँ शहर के टाउन हॉल से फ्रीडम पार्क तक एसआईआर और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट मार्च निकाला गया। एसआईआर विरोधी मार्च में एसआईआर और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आप कार्यकर्ताओं समेत कई लेफ्ट ग्रुप्स ने हिस्सा लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही। मार्च के चलते इन इलाकों में ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा।

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