भारतीय यूजर्स के लिए ओपनएआई ने एक नए सब्सक्रिप्शन प्लान, ‘चैटजीपीटी गो’ लॉन्च करने किया है। इस नई योजना का मक़सद देश में यूजर्स के लिए उन्नत एआई टूल्स को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है।

‘चैटजीपीटी गो’ की सभी सुविधाएं जीपीटी-5 द्वारा संचालित हैं, जहां यूजर्स भारतीय भाषाओं का उपयोग कर सकते हैं। ‘चैटजीपीटी गो’ मुफ्त योजना की तुलना में जीपीटी-5 के साथ दस गुना अधिक मैसेज लिमिट प्रदान करता है।
कंपनी की एक विज्ञप्ति के अनुसार, यह प्रतिदिन दस गुना अधिक इमेज जनरेशन प्रदान करता है। इस सुविधा के साथ यूजर्स प्रतिदिन 10 गुना अधिक फाइल और इमेज अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा, इसमें पर्सनलाइज्ड रिस्पॉन्स के लिए दोगुनी मेमोरी भी है। ‘चैटजीपीटी गो’ जीएसटी सहित 399 रुपए प्रति माह की दर से उपलब्ध है। इसका भुगतान यूपीआई के ज़रिए किया जा सकता है।
बताते चलें कि यह नया ऑप्शन मौजूदा सब्सक्रिप्शन टायर के साथ उपलब्ध है। चैटजीपीटी प्लस की सुविधा पाने के लिए मात्र 1,999 रुपए प्रति माह की दर से इसका लाभ लिया जा सकेगा। इसके अलावा, ओपनएआई उन पेशेवरों और उद्यमों के लिए चैटजीपीटी प्रो प्रदान करता है जिन्हें “उच्चतम स्केल, कस्टमाइजेशन और एडवांस्ड मॉडलों तक एक्सेस की आवश्यकता होती है, जिसकी कीमत जीएसटी सहित 19,900 रुपए प्रति माह है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, चैटजीपीटी के वाइस प्रेजिडेंट और प्रमुख निक टर्ली का कहना है कि भारत में लाखों लोग सीखने, काम करने, रचनात्मकता और समस्या-समाधान के लिए प्रतिदिन चैटजीपीटी का उपयोग करते हैं। उनके मुताबिक़, चैटजीपीटी गो इन क्षमताओं को अधिक सुलभ बनाता है।
कंपनी का कहना है कि भारत चैटजीपीटी का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है और सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है। जीपीटी-5 सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध है, प्लस सब्सक्राइबर्स को इसका अधिक इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा और प्रो सब्सक्राइबर्स को जीपीटी-5 प्रो का एक्सेस मिलेगा।
ओपन एआई द्वारा देश में चैटजीपीटी का सस्ता सब्सक्रिप्शन प्लान वैसे तो पेड सुविधा के तहत कई फीचर्स का एक्सेस दे रहा है लेकिन इसमें अभी भी वह फीचर्स शामिल नहीं है, जो प्लस सब्सक्रिप्शन में मिलते हैं।
इसमें चैटजीपीटी प्लस सब्सक्राइबर्स को चैटजीपीटी-4o का एक्सेस मिलता है। हालांकि, चैटजीपीटी जो सब्सक्राइबर्स को पुराने एआई मॉडल्स का एक्सेस नहीं मिल रहा है। वे चैटजीपीटी-5 तक को ही एक्सेस कर पाएंगे। 4o को गो में न देकर सिर्फ चैटजीपीटी प्लस और प्रो सब्सक्राइबर्स तक सीमित रखा गया है। ऐसे में जिन लोगों को यह सुविधाएं चाहिए उन्हें प्लस का सब्सक्रिप्शन लेना होगा।














