लखनऊ मेट्रो के फेज 1B प्लान को मोदी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिल गई। अब राजधानी लखनऊ के सबसे घनी आबादी वाले इलाक़े से भी मेट्रो का गुज़र हो सकेगा।

जालदार संकरी गलियों वाले पुराने लखनऊ के ख़ास इलाक़ों चौक, अमीनाबाद, ठाकुरगंज और बालागंज में भी अब मेट्रो की सुविधा के लिए हरी झंडी मिल गई है। केंद्र सरकार की कैबिनेट ने लखनऊ मेट्रो के फेज 1बी को मंजूरी दे दी है।
पुराने लखनऊ यातायात को सुगम बनाने वाले नए मेट्रो कॉरिडोर के तहत चारबाग से वसंतकुंज तक 11.165 किलोमीटर लंबा मार्ग तैयार किया जाएगा। यह परियोजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि मरीजों और स्थानीय लोगों के लिए भी सुविधाजनक साबित होगी।इस कॉरिडोर को पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है। इस प्रोजेक्ट में निर्माण के लिए अनुमानित लागत 5,801 करोड़ रुपए बताई गई है।
पिछले वर्ष मार्च में ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर की डीपीआर को राज्य सरकार ने अनुमोदित किया था। उसी वर्ष जुलाई में इस परियोजना को नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) से मंज़ूरी मिली। इस वर्ष मई में डीपीआर को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) की मंजूरी मिलने के बाद अब केंद्रीय कैबिनेट की अनुमति से इसका रास्ता आसान हो गया है।
शहर की कनेक्टिविटी बनाने के लिए चारबाग मेट्रो स्टेशन मौजूदा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के साथ एक इंटरचेंज हब के रूप में काम करेगा। इस नए ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का विस्तार चारबाग से वसंतकुंज तक फैला होगा। इसमें कुल 12 स्टेशन होंगे। इनमें 7 स्टेशन भूमिगत और 5 स्टेशन एलिवेटेड होंगे। 11.165 किलोमीटर लम्बाई वाले इस कॉरिडोर में 6.879 किलोमीटर भूमिगत और 4.286 किलोमीटर एलिवेटेड ट्रैक होगा।
मेट्रो कॉरिडोर के तहत प्रस्तावित स्टेशनों की सूची इस प्रकार है-
भूमिगत स्टेशन:
चारबाग गौतम बुद्ध मार्ग
अमीनाबाद
पांडेगंज
सिटी रेलवे स्टेशन
मेडिकल चौक
नावजगंज
एलिवेटेड स्टेशन:
ठाकुरगंज
बालागंज
सरफराजगंज
मूसाबाग
वसंतकुंज
इस मंजूरी पर खुशी जताते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे लखनऊ के लिए एक परिवर्तनकारी कदम बताया है। मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री और लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह परियोजना लखनऊ को आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।













