नीट-पीजी 2025 के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में संशोधन किया गया है। यह संशोधन राष्ट्रीय चिकित्सा परीक्षा बोर्ड (NBEMS) द्वारा किया गया है। यह संशोधन एमबीबीएस डिग्री प्राप्त अधिक संख्या में डॉक्टरों को पात्रता के दायरे में लाने के लिए किया गया है, ताकि योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिल सके।

क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में संशोधन के फैसले से राउंड-2 काउंसलिंग के बाद देशभर में 18 हजार से अधिक खाली पड़ी पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटों को भरने का काम किया जाएगा।
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज यानी NBEMS ने NEET PG 2025 के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल कम कर दिया है। अब जनरल कैटेगरी का रिवाइज्ड कटऑफ मार्क्स 7 परसेंटाइल और OBC, SC और ST का 0 परसेंटाइल हो गया है।
साथ ही बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि पर्सेंटाइल में बदलाव के बावजूद शैक्षणिक मानकों से किसी तरह का समझौता नहीं किया गया है। संशोधन राष्ट्रीय चिकित्सा परीक्षा बोर्ड का कहना है कि पर्सेंटाइल में संशोधन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बड़ी संख्या में खाली रह गई पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटों पर योग्य उम्मीदवारों को दाखिला मिल सके। इससे मेडिकल शिक्षा प्रणाली को मजबूती मिलेगी और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध होंगे।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह से अधिकृत काउंसलिंग के माध्यम से ही जारी रहेगी। इसके लिए सीटों का आवंटन इंटर-से मेरिट और उम्मीदवारों की प्राथमिकताओं के आधार पर होगा।
मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा पहले औपचारिक रूप से अनुरोध किया गया था। उम्मीद है कि इससे चिकित्सा क्षेत्र में मानव संसाधन को मजबूती मिलेगी।













