उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट सत्यापन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। यहाँ भी बिहार की तर्ज पर मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण यानी एसएआर किया जाएगा।

इस प्रक्रिया में प्रत्येक मतदाता को मतगणना प्रपत्र भरकर उस पर हस्ताक्षर करने होंगे। चुनाव आयोग द्वारा तारीखें जारी होते ही बूथ लेवल ऑफिसर ये प्रपत्र लेकर घर-घर जाएँगे।
गौरतलब है कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 154.2 मिलियन मतदाता हैं, और इस पूर्ण संशोधन का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से त्रुटिरहित बनाना है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रणवा ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस नई प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षित किया है।
कैसे होगी सत्यापन प्रक्रिया
वोटर लिस्ट सत्यापन प्रक्रिया के लिए 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाया जा रहा है और इसे आयोग की वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.in पर अपलोड किया जा रहा है। आयोग का लक्ष्य इस पुरानी सूची के आधार पर लगभग 70% मतदाताओं का सत्यापन पूरा करना है।
बीएलओ मतदाताओं को पहले भरे हुए गणना प्रपत्र की दो प्रतियाँ प्रदान करेगा। मतदाता हस्ताक्षर करके एक प्रति बीएलओ को जमा करेंगे। यदि उनका नाम 2003 की सूची में है, तो उनका नाम अंतिम सूची में शामिल किया जाएगा।
आवश्यक दस्तावेज़
जिन मतदाताओं के नाम 2003 की सूची में नहीं हैं, उन्हें अपनी जन्मतिथि के आधार पर अलग से दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे। नागरिकता अधिनियम में संशोधन को ध्यान में रखते हुए, मतदाताओं को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है।















