जल जीवन मिशन को इंटरनेशनल ट्रेड शो में बेस्ट डिस्प्ले अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। प्रोटोटाइप के जरिए इसमें नए और पुराने बुंदेलखंड के दर्शन कराए गए। साथ ही राज्य स्वच्छ इस ट्रेड शो में गंगा मिशन-उत्तर प्रदेश के स्टॉल को भी ‘बेस्ट स्टॉल’ पुरस्कार से नवाज़ा गया।

जल जीवन मिशन यूपी की स्वच्छ सुजल गांव प्रदर्शनी पर्यावरण संरक्षण थीम पर आधारित है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में देश और दुनिया से आए लोगों ने जहाँ जल जीवन मिशन की बदौलत एक महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की वहीँ इस शो को जल संरक्षण की शिक्षा देने के हवाले से ‘स्वच्छ सुजल गांव’ प्रदर्शनी को ट्रेड शो के बेस्ट डिस्प्ले अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसे 2024 में भी बेस्ट डिस्प्ले अवॉर्ड से नवाजा गया था।
सबसे शानदार प्रदर्शनी के लिए जल जीवन मिशन यूपी को ये पुरस्कार दिया गया।साथ ही राज्य स्वच्छ गंगा मिशन-उत्तर प्रदेश का स्टॉल को ‘बेस्ट स्टॉल’ का अवार्ड दिया गया है। इस शो का आयोजन ट्रेड शो एरिया के हॉल नंबर 7 में किया गया था। मिशन की ओर से यूनिट हेड कम्युनिकेशन एंड आउटरीच सोनलिका सिंह ने एमएसएमई मंत्री राकेश सचान से यह सम्मान ग्रहण किया।
रविवार को इस इंटरनेशनल ट्रेड शो में 496 वर्ग मीटर में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की थीम पर स्वच्छ सुजल गांव प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में जल जीवन मिशन द्वारा किए गए कार्यों के साथ-साथ प्रोटोटाइप के जरिए नए और पुराने बुंदेलखंड के दर्शन कराए गए। स्वच्छ सुजल गांव की फोटो गैलरी के माध्यम से जल जीवन मिशन की कहानी को बयान किया गया। इस कहानी के ज़रिये उत्तर प्रदेश के हर घर में नल कनेक्शन पहुंचाने के सफर को बेहद आसानी से समझा जा सकता है।
बताते चलें कि इंटरनेशनल ट्रेड शो में कुल 2400 प्रदर्शनी लगाई गई हैं। इसमें से अलग-अलग श्रेणी में 70 प्रदर्शनियों को सम्मानित किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, यूनिट हेड कम्युनिकेशन एंड आउटरीच सोनलिका सिंह ने जानकारी दी कि उनका प्रयास यह था कि स्टॉल को केवल दृश्यात्मक न रखा जाए बल्कि हर आगंतुक के लिए भावनात्मक और शैक्षिक अनुभव भी बने। इसी कोशिश के तहत वीआर, एनामॉर्फिक डिस्प्ले और रियल टाइम विजुअल्स शामिल किए गए।
इस प्रदर्शन का उद्देश्य 2019 के बाद जल जीवन मिशन से बुंदेलखंड के गांवों में आए बदलावों को लोगों को समझाना था। परियोजना निदेशक, राज्य स्वच्छ गंगा मिशन-उत्तर प्रदेश, प्रभास कुमार ने बताया कि कि महाकुंभ से लेकर छोटी नदियों के पुनरोद्धार तक हमारी कोशिश यही है कि लोग न केवल देखें बल्कि महसूस करें कि गंगा संरक्षण की दिशा में कितनी प्रगति हो रही है।













