सातवें दिन भी इंडिगो की सैकड़ों उड़ानें निरस्त, लगेज गुम होने से यात्रियों में आक्रोश

इंडिगो की उड़ानों के लगातार रद्द होने का सिलसिला एक सप्ताह से जारी है। एयरलाइन द्वारा 9,000 में से 4,500 यात्रियों को उनका लगेज सौंपे जाने की बात कही गई है। इस दौरान 21 नवंबर से 7 दिसंबर के बीच 9,55,591 टिकट रद्द हुए और यात्रियों को 827 करोड़ रुपये रिफंड किए गए हैं। सातवें दिन भी इस एयरलाइन की 562 उड़ानें रद्द होने से यात्रियों में आक्रोश बढ़ रहा है।

सातवें दिन भी इंडिगो की सैकड़ों उड़ानें निरस्त, लगेज गुम होने से यात्रियों में आक्रोश

एयरलाइन के इस संकट ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी है। लखनऊ, दिल्ली और बंगलूरू सहित अधिकतर एयरपोर्ट पर लगेज के ढेर लगे हुए हैं। यात्री अपना मांग रहे हैं जो उन्हें मिल नहीं पा रहा है। ऐसे में मुसाफिरों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है और एयरलाइन अभी तक व्यवस्था को ढर्रे पर लेन में कामयाब नहीं हो सकी है।

सोमवार को सातवें दिन भी उड़ानों के देर से चलने या कैंसिल होने का सिलसिला जारी रहा। पायलट और चालक दल के सदस्यों की कमी के कारण इंडिगो ने 562 उड़ानें रद्द कीं। इन उड़ानों के रद्द होने और उनके मार्ग बदलने के कारण मुसाफिरों के लगेज भी गुम होने की शिकायत बढ़ रही है। इनमें अधिकतर यात्रियों के पासपोर्ट, घर की चाबियां और दवाइयां जैसे ज़रूरी सामान खोने की घटनाए बढ़ रही हैं।

घरेलू बाजार में 65 फीसदी हिस्सेदारी वाली इंडिगो एयरलाइन पर आए इस संकट ने हजारों की संख्या में मुसाफिरों को लोगों को संकट में डाल दिया है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में इंडिगो मामले में सुनवाई की मांग करते हुए एक याचिका दाखिल की गई। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की बेंच ने मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए इसे बेहद गंभीर बताया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका में की गई तत्काल सुनवाई की मांग को सिरे से खारिज कर दिया।

हवाई अड्डों पर मजबूर इन यात्रियों का गुस्सा एयरलाइन के कर्मचारियों पर फूट रहा है। हालाँकि सरकार की तरफ से यात्रियों के लगेज जल्द लौटाने के निर्देश के बावजूद लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा रहा है। एक तरफ यात्रियों को उनके लगेज भी नहीं मिल रहे वहीँ हवाई अड्डों पर यात्रियों के बैग और सामान के ढेर लग गए हैं।

नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने राज्यसभा में कहा कि सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सोमवार को राज्यसभा में उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि भारत आज जो क्षमता और मांग पैदा कर रहा है, उसे देखते हुए हमें पांच बड़ी एयरलाइनों की आवश्यकता है। सरकार का कहना है कि इंडिगो एयरलाइन की उड़ानें रद्द होने की जांच चल रही है। इस मामले में ऐसी कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया है जो दूसरे ऑपरेटरों के लिए नजीर बने।

नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि इंडिगो चालक दल और ड्यूटी रोस्टर का प्रबंधन करने में विफल रही है। नायडू ने संकट के लिए पूरी तरह से इंडिगो को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि सभी एयरलाइंस को मानकों का पालन करना होगा।

उड़ान ड्यूटी समय सीमा (एफडीटीएल) दिशा-निर्देशों को लेकर नायडू ने बताया कि 22 दिशा-निर्देश थे, जिनमें से 15 को इस साल एक जुलाई और शेष सात को एक नवंबर से लागू किया गया। उन्होंने कहा कि एक दिसंबर को जब एफडीटीएल पर इंडिगो के साथ बैठक की थी तो कंपनी ने इस मुद्दे को नहीं उठाया था।

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