यूपीआई से किए जाने वाले किसी भी पेमेंट पर अब किसी भी तरह का जीएसटी नहीं लिया जाएगा। यह न सिर्फ आम लोगों के लिए, बल्कि छोटे व्यापारियों के लिए भी फायदेमंद है, जो यूपीआई के जरिए अपने बिजनेस को आसान बनाते हैं। सरकार के इस फैसले से करोड़ों यूपीआई यूजर्स सहित छोटे दुकानदारों से इस खबर के बाद बड़ी राहत महसूस की है।

जीएसटी को लेकर सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चाहे रकम 2000 रुपये से ज़्यादा ही क्यों न हो, यूपीआई वाले किसी भी पेमेंट पर जीएसटी नहीं लिया जाएगा। वर्तमान में व्यापारियों को भेजे गए जीएसटी नोटिस से फैली अफवाहों का जवाब देते हुए यह ऐलान किया गया है।
पिछले कुछ दिनों से व्यापारियों के मन में यह विचार आ रहा था कि अब सरकार शायद यूपीआई पेमेंट पर भी टैक्स लगाने वाली है। इस विचार के चलते बनने वाले कन्फ्यूजन की भी एक वजह थी।
दरअसल हुआ यह था कि कर्नाटक के बेंगलुरु में लगभग 6,000 व्यापारियों को उनके यूपीआई ट्रांजैक्शन के आधार पर जेएसटी के नोटिस भेज दिए गए थे। इस खबर के बाद दिल्ली जैसे दूसरे शहरों में भी कई दुकानदार यूपीआई से पेमेंट लेने में एहतियात करने लगे थे।
इस मामले में स्पष्टीकरण देते हुए सरकार ने संसद में आधिकारिक बयान दिया।राज्यसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 22 जुलाई को बताया कि यूपीआई ट्रांजैक्शन पर जीएसटी लगाने का सरकार का कोई भी इरादा नहीं है।
आगे उन्होंने यह भी कहा कि जीएसटी काउंसिल (जो टैक्स की दरों पर फैसला लेती है) की ओर से भी ऐसी कोई सिफारिश नहीं की गई है। इस बयान से स्पष्ट होता है कि यह मामला पूरी तरह से अफवाह के चलते फैला था जिसपर सरकार ने स्पष्टीकरण दे दिया है।













