मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने और आत्महत्या रोकथाम के प्रयासों का समर्थन करने के लिए 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के रूप में मनाया जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि हर साल 720,000 से ज़्यादा लोग आत्महत्या करते हैं। अनुमान है कि हर आत्महत्या के लिए 20 बार आत्महत्या का प्रयास किया जाता है। दुनिया भर में हर 100 में से एक मौत आत्महत्या के कारण होती है और यह समस्या तेज़ी से बढ़ रही है, संगठन के मुताबिक़ यह प्रवत्ति खासकर युवाओं में ज़्यादा पाई गई है।
डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में लगभग 7,27,000 लोगों ने आत्महत्या की। हालाँकि 2000 के बाद से आत्महत्या दर में 35% की कमी आई है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान रफ़्तार अंतरराष्ट्रीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है।
दुनिया भर में होने वाली आत्महत्याओं में से 28% भारत में होती हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 30 साल से कम उम्र के लोगों में आत्महत्या मृत्यु का चौथा प्रमुख कारण है।
युवाओं में आत्महत्या की दर भारत में सबसे ज़्यादा है। दुनिया भर में होने वाली आत्महत्याओं में से 28% भारत में होती हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 30 साल से कम उम्र के लोगों में आत्महत्या मृत्यु का चौथा प्रमुख कारण है। यह दुखद क्षति दुनिया भर में व्यक्तियों, परिवारों और समुदायों को प्रभावित करती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमान के अनुसार, एक वर्ष में 7,00,000 से ज़्यादा लोग आत्महत्या करते हैं। दूसरे सगाबदों में कहें तो दुनिया भर में हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति आत्महत्या करता है।
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉक्टर टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य हमारे समय की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है। दुनिया को इसमें और अधिक संसाधन लगाने, निवारक उपाय करने और उपचार को और अधिक व्यापक बनाने की आवश्यकता है।
डब्ल्यूएचओ विशेषज्ञ डेबोरा कास्टेल का कहना है कि ये मौतें न केवल एक जीवन का अंत करती हैं, बल्कि परिवारों, दोस्तों और देखभाल करने वालों पर गहरा आघात भी छोड़ती हैं।
रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि 15 से 29 वर्ष की आयु के लोगों में आत्महत्या दुनिया भर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है, और 2021 में यह युवा महिलाओं के लिए मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण और युवा पुरुषों के लिए मृत्यु का तीसरा प्रमुख कारण था।
हालाँकि दुनिया भर में आत्महत्या की दर में गिरावट आ रही है, लेकिन अमरीकी क्षेत्र में 2000 और 2021 के बीच 17% की वृद्धि दर्ज की गई है। लगभग तीन-चौथाई आत्महत्याएँ गरीब देशों में होती हैं, लेकिन अमीर देशों में जहाँ जनसंख्या के अनुपात में डेटा प्रणाली ज़्यादा मज़बूत है, यह दर ज़्यादा है।













