राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर से प्रदूषित हवा की चपेट में है। शहर सहित कई इलाक़ों में हवा एक बार फिर ‘बेहद खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई है।दिल्ली एनसीआर में मंगलवार को प्रदूषण में कोई राहत नहीं मिलेगी। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के दूसरे चरण को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

दिवाली की रात लखनऊ में देर तक हुई आतिशबाजी से मंगलवार 21 अक्टूबर की सुबह स्मोग वाली रही। मंगलवार सुबह लखनऊ में सबसे ज्यादा एक्यूआई 264 तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र में दर्ज किया गया तो वहीं सबसे कम केंद्रीय विद्यालय क्षेत्र में एक्यूआई 238 रहामौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जाएगी, लेकिन सुबह और शाम प्रदूषण का असर दिखाई देगा।
दीवाली पर होने वाली आतिशबाजी और मौसम संबंधी कारकों के कारण दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 400 के आंकड़े को पार कर गया है। यहाँ का माहौल ऐसा है कि अब लोगों के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो चुका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दीपावली की रात हुई भारी आतिशबाजी के कारण दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो गया है।
मंगलवार सुबह 8 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के आंकड़े को पार कर गया है। सोमवार की रात दीपावली पर बड़े पैमाने पर पटाखे फोड़े जाने के बाद ये आंकड़ इस हद तक बढ़ा जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। वही जानकारी से यह भी पता चला है कि इस प्रदुषण से आज भी छुटकारा नहीं वाला है। दिल्ली एनसीआर में आज भी प्रदूषण में कोई राहत नहीं मिलेगी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ रात करीब 11:00 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 596 पहुंच गया था। दीवाली की रात पूरे एनसीआर का एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खतरनाक स्तर पर रहा। मंगलवार सुबह में भी दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 पार बना हुआ है।
मंगलवार को उत्तर प्रदेश सहित दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण में कोई राहत नहीं मिलेगी। यहां का तापमान 31 और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने की संभावना जताई जा रही है। आज सुबह-सुबह दिल्ली एनसीआर में हल्का कोहरा भी रहा, लेकिन दोपहर बाद मौसम शुष्क हो जाएगा और हल्की धूप निकलने की उम्मीद है।
भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान और आईएमडी के पूर्वानुमानों के अनुसार, आने वाले दो दिनों में हवा की गुणवत्ता और बिगड़ सकती है। स्थिर हवाएं, तापमान में गिरावट और स्थानीय प्रदूषण इसके मुख्य कारण बताए जा रहे हैं।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) ने हालात को देखते हुए दूसरे चरण को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इसके तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को सख्त निगरानी और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।













