आज यानी 16 जून को देश में जनगणना और जातिगत गणना कराने की आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। पूरी तरह से डिजिटल इस जनगड़ना के लिए मोबाइल एप तैयार किए जाएंगे और उसी में जनगणना से जुड़ी सभी जानकारी एकत्र की जाएगी। एप 16 भाषाओं में उपलब्ध होंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को जनगणना कराने की तैयारियों की समीक्षा के साथ बताया कि देश में जातिगत गणना और जनगणना कराने की आधिकारिक अधिसूचना सोमवार को जारी होगी।
गृह मंत्री ने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, महापंजियन एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की।
यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। इसके लिए मोबाइल एप तैयार किए जाएंगे जिसमें जनगणना से जुड़ी सभी जानकारी एकत्र की जाएगी। ये एप 16 भाषाओं में उपलब्ध होंगे।
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया कि 16वीं जनगणना में पहली बार जाति गणना शामिल होगी। लिए 34 लाख गणक और सुपरवाइजर, 1.3 लाख जनगणना पदाधिकारी आधुनिक मोबाइल और डिजिटल उपकरणों की मदद ली जाएगी।
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर, लद्दाख तथा हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में पहली अक्तूबर, 2026 से जबकि देश के बाकी हिस्से में पहली मार्च, 2027 से जातियों की गणना और जनगणना का काम शुरू होगा।
दो चरणों में होने वाली इस जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना (एचएलओ) होगी जिसमे प्रत्येक परिवार की आवासीय स्थिति, संपत्ति और सुविधाओं का विवरण एकत्र किया जाएगा। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना के तहत प्रत्येक घर के हर व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और अन्य विवरण एकत्र किए जाएंगे।













