दुबई पुलिस ने भिखारियों के खिलाफ ऑपरेशन में गिरफ्तार किए 396 भिखारी

दुबई में पुलिस द्वारा भिखारियों के खिलाफ एक ऑपरेशन पिछले दिनों चलाया गया था। दुबई पुलिस की तरफ से मिलने वाली जानकारी के मुताबिक, ईद-उल-फितर पर 396 भिखारियों को गिरफ्तार किया गया है।

दुबई पुलिस ने भिखारियों के खिलाफ ऑपरेशन में गिरफ्तार किए 396 भिखारी

मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि इस दौरान दुबई पुलिस ने अवैध दुकानदारों के खिलाफ भी अभियान चलाया है।इस अभियान के तहत बिना लाइसेंस सामान बेचने वाले 292 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। दुबई पुलिस के मुताबिक, बिना वीजा के अमीरात में रह रहे 279 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।


दुबई पुलिस के मुताबिक़ विज़िट वीज़ा लेकर आने वाले 99 फीसदी भिखारी भीख मांगने को एक ‘पेशा’ मानते हैं।


ब्रिगेडियर अल शम्सी ने कहा कि 2018 के संघीय कानून संख्या 9 के तहत भीख मांगना एक अवैध कार्य है जो दंडनीय है। पिछले महीने दुबई पुलिस ने दो महिलाओं को क्रमशः 60,000 दिरहम और 30,000 दिरहम नकद के साथ गिरफ्तार किया था, जो उन्होंने केवल भीख मांगकर कमाया था।

एक महिला ने सहानुभूति हासिल करने के लिए अपने बच्चे का इस्तेमाल किया। दोनों महिलाएं विजिट वीजा पर यूएई आई थीं। दुबई पुलिस ने कहा कि जिन भिखारियों को उन्होंने गिरफ्तार किया उनमें से 99 फीसदी भिखारी भीख मांगने को एक ‘पेशा’ मानते हैं।

गौरतलब है कि दुबई पुलिस ने रमज़ान से पहले एक चेतावनी जारी करते हुए भिखारियों के खिलाफ अभियान चलाया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कैंपेन में उन सोशल मीडिया का भी जिक्र किया गया था जहां रमजान के दौरान जरूरतमंदों की मदद के झूठे दावे किए जाते हैं।

गौरतलब है कि भिक्षावृत्ति विरोधी अभियान 13 अप्रैल, 2024 से शुरू किया गया था। इसकी अनदेखी के बावजूद भिक्षावृत्ति को जारी रखने वालों पर कम से कम 5 हज़ार दिरहम का जुर्माना लगाये जाने की बात कही गई थी इसके अलावा 3 महीने तक की जेल की सजा दिए जाने का भी प्राविधान था। बताते चलें कि जुर्माने की यह राशि भारतीय करेंसी में एक लाख से अधिक होगी।

ब्रिगेडियर अल शम्सी ने सड़क विक्रेताओं से खरीदारी के खतरों पर जोर देते हुए कहा- “सड़क विक्रेता भी अलग-अलग तरह से सहानुभूति बटोरने की कोशिश करते हैं, लेकिन सामुदायिक सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरा पैदा करते हैं, खासकर जब वे खराब परिस्थितियों में अज्ञात मूल के भोजन और आपूर्ति की पेशकश करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि भीख मांगना, सड़क पर सामान बेचना और अवैध श्रमिकों की मौजूदगी सामुदायिक सुरक्षा को खतरे में डालती है और राज्य की छवि को खराब करती है, उन्होंने कहा कि ये घटनाएं कभी-कभी चोरी, पॉकेटमारी और बच्चों और बीमारों के शोषण जैसे गंभीर परिणामों से जुड़ी होती हैं।

दुबई पुलिस ने कहा है कि विभाग भीख मांगने की प्रथा को रोकने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। दुबई पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी का कहना है कि भिखारी रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान लोगों की करुणा, उदारता और दान का फायदा उठाते हैं। इस अभियान के तहत दुबई पुलिस ने ईद-उल-फितर पर 396 भिखारियों को गिरफ्तार किया है।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के मुताबिक, भीख मांगने की गतिविधियों में शामिल लोगों और इसमें भाग लेने के लिए विदेश से लोगों को लाने वालों को 6 महीने की कैद और एक लाख दिरहम का जुर्माना लगाया जाएगा।

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