पेपर स्ट्रॉ के इको फ्रेंडली होने के दावे गलत निकले

ब्रसेल्स: एक नए अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि प्लास्टिक स्ट्रॉ के पर्यावरण-अनुकूल विकल्प के रूप में बनाए गए पेपर स्ट्रॉ वास्तव में पर्यावरण के अनुकूल नहीं हैं।

पेपर स्ट्रॉ के इको फ्रेंडली होने के दावे गलत निकले

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विशेषज्ञों ने खुलासा किया है कि पेपर स्ट्रॉ में ऐसे रसायन भी होते हैं जो मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।


इन उत्पादों में मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पीएफएएस होता है। पेपर स्ट्रॉ में 90% पीएफएएस पाया गया, जो अन्य प्रकारों की स्ट्रॉ की तुलना में अधिक था।


बेल्जियम में एंटवर्प विश्वविद्यालय के पर्यावरण वैज्ञानिक थिमो ग्रोफेन ने कहा- “पौधों या पेड़ों से प्राप्त सामग्री, जैसे कागज या बांस से बने उत्पादों को प्लास्टिक से बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प माना जाता है, लेकिन इन उत्पादों में पीएफएएस होता है। इसमें ऐसे रसायन शामिल हैं जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।

फूड एडिटिव्स एंड कॉन्टामिनेंट्स जर्नल में प्रकाशित शोध में थिमो ग्रोफेन और उनके सहयोगियों ने पीएफएएस के लिए 39 स्ट्रॉ ब्रांडों का परीक्षण किया।

ये स्ट्रा कागज, बांस, कांच, स्टील और प्लास्टिक की किस्मों में थी। प्रत्येक स्ट्रॉ को पीएफएएस परीक्षण के दो दौर से गुज़ारा गया। पेपर स्ट्रॉ में 90% पीएफएएस पाया गया, जो अन्य प्रकारों की स्ट्रॉ की तुलना में अधिक था। जाँच के दौरान इनमे 18 विभिन्न पीएफएएस रसायनों की मौजूदगी का भी पता लगा।

इस पड़ताल के दौरान लगभग 80% पीएफएएस बांस की स्ट्रा में, करीब 75% प्लास्टिक स्ट्रॉ में और 40% ग्लास स्ट्रॉ पाए गए। जबकि किसी भी स्टील स्ट्रॉ में पीएफएएस की मौजूदगी नहीं मिली।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *