इस सीज़न में ज़्यादा ठण्ड का सामना करने को तैयार रहें

पिछले सालों की तुलना में इस बार ठंड ज़्यादा पड़ेगी। पहाड़ों पर बर्फबारी के साथ हलकी सर्दी कड़ाके की ठंड में बदलने लगी है। उत्तर भारत के पहाड़ बर्फ की परतों से ढकने लगे हैं। यमुनोत्री धाम सहित बदरीनाथ धाम की चोटियों पर बर्फ डेरा जमा रही है और चमोली जिले में भी मौसम का मिज़ाज सर्द होने लगा है। हरिद्वार में भी अचानक मौसम बदलने से कोहरा छा गया जबकि आसपास के इलाक़े में भी आसमान बादलों से ढका है।

इस सीज़न में ज़्यादा ठण्ड का सामना करने को तैयार रहें

मौसम के इन बदलावों के साथ ही मैदानी इलाक़ों में भी इस सप्ताह तापमान गिरने की संभावना है। सितंबर और अक्तूबर में रिकार्ड बारिश का असर कड़ाके की ठंड और कोहरे के रूप में दिखेगा।

मौसम विभाग के मुराबिक़ इस साल अब तक 916 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई। जबकि पिछले साल ये 938 एमएम थी। इस वर्ष सितंबर-अक्तूबर में ही 360 एमएम बारिश हुई और ये रिकार्ड है। सितंबर-अक्तूबर माह में अमूमन 70 – 72 एमएम बारिश ही होती है। ऐसे में जानकारों का कहना है कि मानसून सत्र अंत में होने वाली बारिश का असर ठंड और कोहरे के रूप में सामने आएगा। अनुमान के अनुसार पिछले सालों की तुलना में इस बार ठंड ज़्यादा पड़ेगी।

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