उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कोरोना का पहला टीका लगवाया। उन्होने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के मद्देनजर राज्य में आठ अप्रैल से वृहद टीकाकरण अभियान शुरू होगा।
मुख्यमंत्री सुबह करी ब आठ बजे श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल हॉस्पिटल पहुंचे जहां स्टाफ नर्स रश्मिजीत सिंह ने उन्हे कोविड-19 की वैक्सीन की पहली खुराक लगायी। टीकाकरण के बाद करीब आधे घंटा अस्पताल परिसर में बिताने के बाद मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास के लिये रवाना हो गये।
Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath receives first dose of COVID-19 vaccine at Civil Hospital, Lucknow pic.twitter.com/8HN7v7NHuD
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) April 5, 2021
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देश के वैज्ञानिको का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि टीका पूरी तरह से सुरक्षित है और हर व्यक्ति को इसे अपनी बारी आने पर लगवाना चाहिये ताकि कोरोना संक्रमण से पूरी तरह निजात मिल सके।
प्रदेश में रविवार शाम तक कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या 19 हजार 738 हो चुकी थी। टीकाकरण के बाद भी लोगबाग पूरी एहतियात बरतें और मास्क एवं सोशल डिस्टेसिंग का ईमानदारी से पालन करें।इससे पहले प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के अलावा योगी मंत्रिमंडल के कई सदस्य कोरोना वैक्सीनेशन करा चुके हैं।
इस बीच सरकार ने कोरोना के बढ़ते खतरे के मद्देनजर नियमों को और सख्त किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण के प्रसार पर नजर रखे हुये है।
इस बीच सरकार ने कोरोना के बढ़ते खतरे के मद्देनजर नियमों को और सख्त किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण के प्रसार पर नजर रखे हुये है। उन्होने इस बारे में सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिये है। कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज,वाराणसी,गाजियाबाद तथा गौतमबुद्धनगर में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गये है।
श्री योगी ने कहा कि कोविड अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। एम्बुलेंस सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित किया जाए। कोविड संक्रमित मरीजों को एम्बुलेंस व बेड की उपलब्धता के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर सम्बन्धित के विरुद्ध जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने एसजीपीजीआई,केजीएमयू तथा डाॅ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में कोविड-19 से संक्रमित रोगियों के लिए बेडों की संख्या तत्काल बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह संस्थान कोविड संक्रमण के मद्देनजर अपनी तैयारियां सुनिश्चित कर लें। जिन जिलों में कोविड-19 संक्रमण में वृद्धि हुई है, उन जिलों में भी बचाव व उपचार की सभी व्यवस्थाएं की जाएं। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
उधर, सूबे के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने नयी गाइडलाइन जारी करते हुये कोरोना के प्रत्येक नये मामले में 25 मीटर के रेडियस को कंटेटमेंट जोन बनाने और एक से अधिक मामलों की दशा में 50 मीटर क्षेत्रफल को कंटेटमेंट जोन बनाने के निर्देश दिये हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर घर जाकर खांसी जुकाम बुखार के मरीजों को चिन्हित करेगी और उनका संपूर्ण विवरण एकत्र किया जायेगा। कंटेटमेंट जोन में कम से कम 14 दिनों तक आने जाने की पूर्णत: पाबंदी होगी।