तुर्की और UAE में ठनी, दोनों तरफ़ से शाब्दिक युद्ध तेज़

तुर्की के विदेशमंत्रालय ने संयुक्त अरब इमारात का आह्वान किया है कि वह उनके देश के ख़िलाफ़ शत्रुतापूर्ण रवइये से बाज़ आ जाये।समाचार एजेन्सी आनातोली की रिपोर्ट के अनुसार तुर्की के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता हामी आकस्वी ने कहा है कि संयुक्त अरब इमारात के विदेशमंत्रालय की ओर से जो विज्ञप्ति जारी की गयी है वह उस देश की मिथ्याचारपूर्ण नीति पर पर्दा डालने का प्रयास है जो पूरी तरह लीबिया में विद्रोहियों का समर्थन कर रहा है।

उन्होंने बल देकर कहा कि तुर्की लीबिया सहित अरब देशों की संप्रभुता का सम्मान करता है।संयुक्त अरब इमारात ने गुरूवार को कहा था कि वह राजनीतिक मार्ग से समाधान चाहता है और साथ ही उसने अरब देशों विशेषकर लीबिया के मामलों में तुर्की के हस्तक्षेप पर चिंता जताई थी।

तुर्की के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने सीरिया, यमन और अफ्रीक़ी देशों में संयुक्त अरब इमारात के हस्तक्षेप की ओर संकेत किया और कहा कि विश्व समुदाय पूरे क्षेत्र की शांति व सुरक्षा को आघात पहुंचाने वाले संयुक्त अरब इमारात के प्रयासों से अवगत है और उसका हस्तक्षेप केवल लीबिया तक सीमित नहीं है।

जानकार हल्कों का कहना है कि तुर्की ऐसी स्थिति में संयुक्त अरब इमारात द्वारा लीबिया में हस्तक्षेप पर आपत्ति जता रहा है जब वह स्वयं सुरक्षा परिषद सुरक्षा परिषद की अनुमति के बिना सीरिया में अपने सैनिकों को घुसा रखा है और आतंकवादी गुटों के समर्थन के लिए अपनी चेक पोस्टों को उनके लिए कंट्रोल रूम में बदल दिया है।

इसी प्रकार जानकार हल्के सवाल कर रहे हैं कि तुर्की सीरिया में जो कुछ कर रहा है वह सीरिया की राष्ट्रीय संप्रभुता का अपमान है या सम्मान?

इसी प्रकार जानकार हल्कों का कहना है कि जो संयुक्त अरब इमारात राजनीतिक मार्ग से लीबिया संकट के समाधान की रट लगाये हुए है वह इमारात यमन में क्या कर रहा है? वह किसके कहने पर, किसके साथ मिलकर और किन लक्ष्यों को साधने के लिए यमनी जनता के खिलाफ कार्यवाहियां और हमले कर रहा है।

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