बोधगया में बौद्ध भिक्षु कर रहे थे नाबालिग बच्चों का यौन उत्पीड़न, बौद्ध भिक्षु संचालक गिरफ्तार

बोधगया : अंतर्राष्ट्रीय तीर्थयात्रा शहर बोध गया में एक ध्यान केंद्र का मुख्य भिक्षु प्रशिक्षण के लिए वहां आए कई बच्चों का यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बिहार पुलिस ने कहा कि बच्चों को अपने शरीर पर चोट लगने का निशान भी मिला है।

अभियुक्त, असम के निवासी भन्ते सुजॉय उर्फ संघप्रिय भन्ते पिछले कुछ सालों से पटना से 110 किमी दूर बोध गया में ध्यान केंद्र चला रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बोधगया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी भन्ते सुजॉय को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद पुलिस पीड़ित नाबालिग बच्चों से पूछताछ कर घटना की गहराई से पड़ताल करने में लगे हैं। पीड़ित सभी बच्चे असम के कार्बी आंगलोंग जिले के निवासी हैं। बिहार के शेल्टर गृहों में यौन शोषण के हालिया सामने आये मामलों को देखते हुए इस घटना से भी उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खडे़ हो गए हैं।

 

जानकारी के अनुसार यह घटना बोधगया के मस्तपुरा में स्थित प्रजन्ना ज्योति बुद्धिस्ट नोविस स्कूल एंड मेडिटेशन सेंटर की है। यहां के संचालक भन्ते सुजॉय उर्फ संघप्रिय भन्ते के द्वारा संस्था में पढ़ने के लिए आए बच्चों के साथ अप्राकृतिक यौनाचार का आरोप लगा है। बच्चों ने इसकी सूचना जब अपने परिजनों को दी तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ है।

परिजनों के अनुसार बच्चों की शिकायत पर वे आनन-फानन में बोधगया पहुंचे। यहां आकर जब उन्होंने मामले की जानकारी लेनी चाही तो आरोपी भिक्षु के द्वारा 15 पीड़ित बच्चों को संस्था से बाहर निकाल दिया गया। आरोप है कि संस्था से निकालते वक्त बच्चों को कपडे़ भी नहीं दिए गए। किसी प्रकार बच्चों के परिजन सभी को लेकर गया के विष्णुपद थाना क्षेत्र के असम भवन में पहुंचे। इसके बाद घटना की शिकायत पुलिस के आलाधिकारियों से की गई।

मामले की जानकारी के बाद सिटी डीएसपी के नेतृत्व में विष्णुपद थाना की पुलिस असम भवन पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गई। इधर दूसरी ओर मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बोधगया थाना की पुलिस ने आरोपी भन्ते को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित बच्चों ने आरोप लगाया है कि आरोपी भन्ते उनसे अक्सर गंदी हरकतें किया करते थे।

पुलिस ने बताया कि बोध गया पुलिस स्टेशन के साथ पहली सूचना रिपोर्ट या प्राथमिकी दर्ज की गई है, और बच्चों और उनके माता-पिता के बयान दर्ज किए गए हैं। बच्चों का एक चिकित्सा परीक्षण किया जाएगा। शिकायत ने कहा कि मुख्य भिक्षु ने कथित रूप से बच्चों को अपने शयनकक्ष में बुलाया और यौन शोषण किया, और यदि उन्होंने उनका पालन नहीं किया, तो उन्होंने उन्हें मारा ।

 

 

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