इस वर्ष का साहित्य का नोबेल-पुरस्कार कनाडाई लेखिका ऐनी पेट्रीसिया कार्सन को दिए जाने की खबर है। वर्ष 2026 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार किसी एक विशिष्ट पुस्तक के लिए नहीं बल्कि कवयित्री और निबंधकार ऐनी कार्सन (Anne Carson) को उनके संपूर्ण साहित्यिक योगदान के लिए प्रदान किया गया है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन्हें आगामी 10 दिसम्बर को स-समारोह प्रदान किया जायेगा।
अंतराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, ऐनी पेट्रीसिया कार्सन ने क्लासिकल परंपरा के साथ एक चंचल संवाद करते हुए समकालीन साहित्य के लिए नये रूप में गढ़ने का प्रयास किया हैं। बताते चलें कि उनकी एक और विख्यात कृति ‘द ब्यूटी ऑफ़ द हस्बैंड’ के लिए 2001 में वह ‘टी एस एलियट प्राइज़’ जीतने वाली पहली महिला बनीं। अन्य अनेक पुरस्कारों के अतिरिक्त उन्हें गुगेनहाइम और मैकआर्थर फेलोशिप से भी सम्मानित किया गया है।
कनाडा के टोरंटो में 21-जून-1950 को जन्मी कार्सन अपनी उन रचनाओं के लिए जानी जाती हैं जो कविता, गद्य और अनुवाद से जुड़ी हैं। वह प्रिंसटन, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी और मॉन्ट्रियल में मैकगिल यूनिवर्सिटी सहित कई संस्थानों में क्लासिक्स की प्रोफेसर रही हैं। उनके बारे में कहा जाता है कि पुरानी ग्रीक-दुनिया के साहित्य और पौराणिक कथाओं ने उन्हें बहुत ज़्यादा प्रभावित किया हैं।
कार्सन की पहली किताब ‘इरोस द बिटरस्वीट’ 1986 में प्रकाशित हुई थी। इसमें भी साहित्यिक आलोचना को पुरानी ग्रीक-परंपरा की खोज के साथ जोड़ा गया था। उनका सबसे ज़्यादा शोहरत पाने वाला काम ‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ़ रेड’ है, जो 1998 में प्रकाशित हुआ था और जो पुरातन ग्रीक-कवि स्टेसिचोरस के अंशों से प्रेरित एक काव्य-उपन्यास है। यह एक आधुनिक किशोर की कहानी है जो दिल टूटने और अपनी आकांक्षा से जूझते हुए लाल-पंखों वाले उस मिथकीय राक्षस गेरियन की गाथा को पुनर्कल्पित करता है, जो हेराक्लीज़ द्वारा मारा गया था।
इस वर्ष के साहित्य के नोबेल-पुरस्कार के लिए ऐनी कार्सन के अलावा अन्य साहित्यकारों में लिडिया जॉर्ज (पुर्तगाल), जमैका किनकैड (संयुक्त राज्य अमरीका), क्रिस्टियाना रिवेरा गार्ज़ा (मैक्सिको), कैन ज़्यू (चीन), हारुकी मुराकामी (जापान), गेराल्ड मुरेन (ऑस्ट्रेलिया), ल्यूडमिला उलित्सकाया (रूस), एनरिक विला-माटास (स्पेन), कार्ल ओवे नाऊशार्ड (नॉर्वे), थॉमस पिंचन (संयुक्त राज्य अमरीका), मार्गरेट एटवुड (कनाडा), मिशेल हाउलेबेक (फ्रांस) के नाम शामिल थे।
ख़बरों के मुताबिक़,छह सदस्यीय चयन-समिति ने उन्हें ही इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के योग्य पाया। इस चयन-समिति में समालोचक व साहित्यिक इतिहासकार एंड्रेस ऑल्सेन (अध्यक्ष), उपन्यासकार एलन मैटसन (सदस्य), लेखक-अनुवादक स्टीव सेम-सैंडबर्ग (सदस्य), उपन्यासकार ऐनी लॉटा स्वार्ड (सदस्य), उपन्यासकार व सांस्कृतिक लेखिका अन्ना-कैरिन पाम (सहयोगी सदस्य) तथा लेखिका इंग्रिड कालबर्ग (सहयोगी सदस्य एवं स्थायी सचिव) के नाम थे।