भारतीय महिला टीम ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया है। भारत ने इस इवेंट में 1982 के बाद गोल्ड अपने नाम किया है। यह एशियन गेम्स 2026 में भारत का 16वां गोल्ड है।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार इस बार स्वर्ण पदक पर अपना अधिकार जमाने में कामयाबी पा ली। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत ने फाइनल मुकाबले में चीन को शिकस्त दी और यह ऐतिहासिक जीत हासिल की।
फाइनल मैच का एकमात्र गोल भारत के लिए लालरेम्सियामी हमारजोटे ने किया। उन्होंने मैच के पहले क्वार्टर में 10वें मिनट में यह गोल कर दिया था। भारतीय महिला हॉकी टीम ने इस जीत के साथ ही आगामी ओलंपिक खेलों के लिए सीधे क्वालीफाई भी कर लिया है। इस कामयाबी में कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद की होनहार खिलाड़ी नवनीत कौर ने बेहद खास किरदार निभाया।
इस मैडल को हासिल करने में नवनीत कौर ने मुख्य भूमिका निभाई। नवनीत कौर ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के साथ पूरे एशियाई खेलों में कुल दस गोल किए। फाइनल मैच में उन्होंने अग्रिम पंक्ति में टीम को लीड करने के साथ-साथ पेनल्टी कॉर्नर को भी रोका उनकी इस परफॉर्मेंस की बदौलत इस मैच की जीत भारत के हिस्से में आ सकी।
नवनीत कौर ने जीत के बात अपने पिता से वीडियो कॉल के दौरान बताया कि उन्होंने कैसे अपनी टीम को ये सफलता दिलाने में भूमिका निभाई। बात करते हुएउन्होंने इसे वह ऐतिहासिक पल कहा जिसे जिंदगी भर नहीं भूलना चाहेंगी। आगे उन्होंने बताया कि पूरी टीम ने मैदान पर अपना सौ प्रतिशत दिया।
इस मुकाबले में भारत का सामना 2024 पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडल पाने वाली चीन की टीम से था। मुकाबले में भारत ने डिफेंस में शानदार खेल खेला और 1-0 से जीत हासिल की। हालाँकि चीन को मैच के 23वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक का अवसर मिला था। यह फुटबॉल के पेनल्टी की तरह होता है। मगर भारत की गोलकीपर सविता पुनिया ने उस पेनल्टी स्ट्रोक को बचा लिया।
गौरतलब है कि ट्राफिक में फंसे होने की वजह से इस मुकाबले के लिए खिलाड़ी देरी से स्टेडियम पहुंच पाईं और मैच निर्धारित समय से एक घंटे देरी से शुरू हो पाया।