पश्चिमी विक्षोभ से बने चक्रवात के कारण समूचा उत्तर भारत भारी बारिश की ज़द में

उत्तर प्रदेश में बीते दो दिन से जारी बारिश के तेवर लगातार बने हुए हैं। बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र के चलते पश्चिमी विक्षोभ ने इसे और ज़ोरदार बना दिया है। चक्रवात की वजह से भारी बारिश हो रही है। प्रशासन ने कई जिलों में अवकाश घोषित कर दिया।

लखनऊ में पिछले 36 घंटे से लगातार हो रही बारिश के बाद 30 जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शनिवार को राजधानी लखनऊ में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। वहीं 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज रफ्तार से हवा भी चलेगी। इस बीच अधिकतम तापमान 24 न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और खुद फील्ड में जाकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।

दूसरी तरफ नेपाल सीमा वाले तराई और पूर्वांचल के कई इलाकों में भी पिछले दिन से बारिश का दौर जारी है। प्रशासन ने प्रत्येक नागरिक के जान-माल की सुरक्षा को अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिकारियों से धरातल पर उतरकर स्थिति का जायजा लेने के आदेश दिए हैं।

मौसम विभाग से मिली जानकारी ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटवर्ती इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की उम्मीद जताई है। दो दिन से होने वाली लगातार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है और कई इलाकों में मौसम में नरमी आने से ठंडक का एहसास करा दिया है।

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद लखनऊ सहित आजमगढ़, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, कानपुर नगर और फतेहपुर समेत कई जनपदों के वाटरशेड (जलग्रहण) क्षेत्रों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने की आशंका को देखते हुए राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे, पेड़ के नीचे या पार्कों में न रुके। लोगों से तेज आंधी और बिजली गिरने के खतरे से बचाव के लिए घरों में रहने की ताकीद की गई है।

लखनऊ के मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी में कहा गया है कि शनिवार को प्रदेश में बारिश का दायरा और व्यापक होगा। कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा के आसार हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार नेपाल सीमा से लगे तराई क्षेत्र में बारिश का सबसे ज्यादा असर रहने की संभावना है। बारिश के चलते प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है और यह सामान्य से नीचे पहुंच गया है।

मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड में तेज बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ा है। बारिश और खराब मौसम से सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर पेड़ गिरने, बिजली गुल होने और तेज आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

इस दौरान लोगों को सावधानी बरतने और मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह है।लगातार होने वाली बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज रफ्तार से चल रही हवाओं ने धान की फसलों को नुकसान पहुँचाया है। ऐसे में किसानों को अत्यधिक नुकसान का सामना करना पड़ा।

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