उत्तर प्रदेश में बारिश जारी है। सितंबर की बारिश पर मौसम विभाग द्वारा साझा अपडेट में यूपी में 1 से 6 सितंबर तक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक़, अगले तीन से चार दिन दक्षिणी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। पूर्वी और दक्षिणी जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है।
इस सप्ताह बारिश के साथ भारत मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में आकस्मिक बाढ़ के साथ गरज चमक और बिजली गिरने की आशंका भी व्यक्त की है। प्रदेश की योगी सरकार ने इस मामले में गंभीरता बरतते हुए संबंधित जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सरकार ने लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राहत आयुक्त कार्यालय ने जिला प्रशासन को मौसम पर लगातार नजर रखने को कहा है। प्रभावित और संभावित क्षेत्रों में तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जरूरतमंदों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
राहत आयुक्त कार्यालय ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। राजधानी लखनऊ में सितंबर की शुरुआत में ही जोरदार बारिश हुई। मंगलवार को सुबह से ही शहर के ज्यादातर इलाकों में घने काले बादल छाए रहे। बारिश का एक ज़ोरदार राउंड सुबह में शुरू हुआ। वहीँ देर शाम करीब दो घंटे तक हुई जोरदार बारिश ने शहर के अधिकतर इलाकों में जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया। बारिश का यह सिलसिला अभी भी जारी है।
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि शाम तक लखनऊ के चिनहट में 59 मिमी, 1090 चौराहे पर 54 मिमी और राजभवन क्षेत्र में 45.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद अधिकतम तापमान में गिरावट के साथ मौसम काफी बेहतर है।
मौसम विभाग द्वारा जारी पिछले माह के आंकड़े बताते हैं कि लखनऊ में अगस्त के दौरान 330.7 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 64 फीसदी अधिक है। अगस्त में शहर में सामान्य बारिश 202 मिमी मानी जाती है। इसके पहले साल 2024 में अगस्त माह में 338.7 मिमी और साल 2018 में 405.5 मिमी बारिश रिकार्ड की गई थी।
अगस्त में होने वाली बारिश ने उत्तर प्रदेश में कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। प्रदेश में साल 2018 के बाद यह 21वीं सदी का सबसे अधिक बारिश वाला अगस्त रहा। पूरे प्रदेश में सामान्य 235.5 मिमी के मुकाबले 291.3 मिमी बारिश हुई। प्रयागराज में अगस्त के दौरान 631.6 मिमी और बांदा में 646 मिमी बारिश दर्ज हुई। इन दोनों जिलों में वर्ष 1901 से अब तक अगस्त में इतनी बारिश कभी दर्ज नहीं की गई।
मौसम विभाग ने लखनऊ सहित बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई है। सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, प्रयागराज में आकस्मिक बाढ़ की संभावना है। पूर्वांचल, मध्य यूपी, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी के जिलों में वज्रपात का अलर्ट है।