ईद मिलादुन्नबी शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए एडवाइजरी

चाँद की तारीख़ के अनुसार, 26 अगस्त को 12 रबी-उल-अव्वल मनाया जाएगा। लखनऊ में भी ईद मिलादुन्नबी को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। इस मौके पर त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाने की अपील की गई है। इमाम ईदगाह ने कहा कि 26 अगस्त को निकलने वाले जुलूसों में शामिल लोग पैगंबर-ए-इस्लाम के व्यवहार और संदेशों को अपने जीवन में अपनाएं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि इसको लेकर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। साथ ही उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील की है कि त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं।

अपने संदेश में मौलाना खालिद रशीद याद दिलाया कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब ने भूखों को खाना खिलाने, बीमारों की देखभाल करने और कैदियों की रिहाई में मदद करने को नेक काम बताया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मिलादुन्नबी के मौके पर ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों की मदद करें। गरीबों को फूड पैकेट बांटें और बीमार लोगों की देखभाल करें।

रबी-उल-अव्वल के जलसे और जुलूस निकले जाने पर मौलाना ने कहा कि इसे इस तरह निकाला जाए जिससे आम लोगों को परेशानी न हो। सड़कों पर यातायात बाधित न किया जाए और आने-जाने वालों के लिए रास्ता खुला रखा जाए।

25 अगस्त को ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर बाइक स्टंटबाजी जैसी हरकतों से बचने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने भी रास्तों पर ऐसी जगह बैठने से मना किया है, जिससे राहगीरों को परेशानी हो।

मौलाना खालिद रशीद ने विवाद की स्थिति से बचने के लिए कहा कि किसी भी पब्लिक प्रॉपर्टी या दूसरे समाज से जुड़े स्थान पर बिना अनुमति झंडा या बैनर न लगाया जाए। उन्होंने किसी संगठन या व्यक्ति को ऐसा कोई काम करने की भी मनादि की जिससे किसी को असुविधा हो।

देश की सुरक्षा, उन्नति और प्रगति के लिए विशेष दुआ की अपील करते हुए मौलान ने यह भी कहा कि जुलूस के दौरान नमाज का समय होने पर सड़क पर नमाज न पढ़ें, बल्कि केवल मस्जिद में ही नमाज अदा करें। सरकारी आदेशों का पालन करें और ऐसा कोई काम न करें, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो। उन्होंने लोगों से

प्रशासन की ओर से तय रूट पर ही जुलूस निकालने के आदेश के पालन के साथ मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि जुलूस में ऐसे नारे न लगाए जाएं, जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों। साथ ही उन्होंने जुलूस में शामिल संगठन से झंडे और बैनर लपेटकर ले जाने और वापस लाने की भी बात कही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *