दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ इस समय एक ख़ास दर्शकों के लिए कौतुहल का विषय है। दरअसल यह फिल्म जी5 पर रिलीज हुई थी, मगर जल्दी ही इसे ओटीटी से हटा लिया गया। मगर उसका असर यह हुआ कि अब फैंस इस फिल्म के पायरेटेड लिंक साझा कर रहे हैं।
3 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर फिल्म ‘सतलुज’ रिलीज की गई थी। रिलीज के दो दिन बाद ही इसे हटा दिया गया। मगर पता चला कि हटाए जाने के कुछ ही घंटों बाद इस फिल्म की ऑनलाइन लीक शुरू हो गई। इसके पायरेटेड वर्जन को जमकर शेयर किए जाने की ख़बरें सामने आ रही हैं।
जी5 के आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘फिल्म ‘सतलुज’ के रिलीज होने के बाद से इसे जो प्रतिक्रिया मिली है, वो शानदार है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए ‘सतलुज’ अगले आदेश तक भारत में उपलब्ध नहीं होगी। हम सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए फिल्म को जल्द से जल्द दर्शकों के लिए दोबारा अवेलेबल कराने की दिशा में काम कर रहे हैं।’
प्लेटफार्म से फिल्म हटाए जाने पर अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने फैंस के साथ एक लाइव सेशन में इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। एक सवाल में जब उनसे पूछा गया कि क्या ओटीटी रिलीज के बाद फिल्म हटाई जा सकती है, तो हंसते हुए उनका कहना था, ‘अब टेंशन नहीं, सबने डाउनलोड कर ली है। मैं बिल्कुल टेंशन फ्री बैठा हूं।’
मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि ओटीटी मंच जी5 इंडिया द्वारा इसे हटाए जाने की ऑफिशियल अनाउंसमेंट के फ़ौरन बाद ही सोशल मीडिया पर ‘सतलुज’ के पायरेटेड वर्जन ऑनलाइन मुहैया होने की खबर भी फैंस द्वारा ही साझा की जाने लगी। साथ ही कई यूजर्स द्वारा आरोप लगाया गया है कि फिल्म को अवैध रूप से डाउनलोड और स्ट्रीम करने के लिए पायरेटेड लिंक शेयर किए जा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि यूजर्स ने पायरेसी वेबसाइट्स पर ‘सतलुज’ के अलग-अलग HD वर्जन उपलब्ध होने के स्क्रीनशॉट साझा किए हैं। सोशल मीडिया पर पर ही कुछ लोगों द्वारा फिल्म के कथित पायरेटेड लिंक भी साझा करने के साथ इन्हें देखने के लिए उकसाए जाने की भी खबर है।
‘सतलुज’ में मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी को दिखाया गया है। इस फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है। फिल्म में दिलजीत दोसांझ के अलावा अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान भी अहम भूमिकाओं में हैं।