जेनेटिक बदलाव की बदौलत सेब के बदले रंग ने लोगों को किया हैरान

न्यूज़ीलैंड के एक फल और सब्ज़ी स्टोर में एक दुर्लभ किस्म का सेब आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसकी एक झलक पाने के लिए उत्सुक लोगों की भीड़ लग गई, वजह यह है कि सेब आधा लाल और आधा पीला है। सेब के प्रति आकर्षण को देखते हुए यह फैसला नहीं लिया जा सका है कि इसे परमानेंट स्टोर किया जा सकता है या इसे काटकर अंदर से देखा जाना चाहिए।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सेब अपने रंग के कारण लगभग बीच से दो हिस्सों में बंटा हुआ है। इसे पिछले दिनों लाल और बेहतरीन क्वालिटी वाले, रसीले, मीठे स्वादिष्ट सेबों की एक खेप में देखा गया। सेब की यह खेप न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च के मायर याउ इलाके में मौजूद सनशाइन कॉर्नर मार्केट की थी।

जानकारों का मानना है कि यह दुर्लभ और अजीब सेब हर दस लाख फलों में से एक से भी कम में पाया जाता है। ऐसा एक जेनेटिक म्यूटेशन की वजह से होता है। इस म्यूटेशन की बदौलत सेब ऐसे सेल्स से बनता है जिनमें दो अलग-अलग जेनेटिक बैकग्राउंड का समावेश होता है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़, एक लोकल मीडिया आउटलेट से बात करते हुए स्टोर की मालिक मिस हीथर ने बताया कि यह सेब लोकल लेवल पर एक तरह से मशहूर सेलिब्रिटी बन गया है। इसे देखने के बाद लोग घर जाकर घरवालों को इसके बारे में बताते हैं, लेकिन उन्हें यकीन नहीं होता। फिर वह उन्हें दिखाने के लिए वापस आते हैं। कई लोग सेब को देखकर बहुत उत्साहित हुए और इसकी तस्वीरें भी लीं।

मिस हीथर ने कहा कि यह पहली बार है जब उन्होंने दो रंग का सेब देखा है। उनके अनुसार, वह लंबे समय से स्टोर के बिजनेस में हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा सेब कभी नहीं देखा। कुछ ग्राहक तो कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने से पहले गुड लक के लिए इसे छूने के लिए भी कहते हैं। वह इस सेब को लेकर लोगों का ध्यान खींचने की बात करते हुए यह भी कहती हैं कि बेशक पहल दुर्लभ है मगर लोगों में उत्सुकता भी उम्मीद से ज़्यादा है।

सेब के भविष्य पर हीथर का कहना है कि सेब को फ्रिज में रखने से इसकी शेल्फ लाइफ बढ़ गई है, लेकिन अब जल्द ही यह तय करना होगा कि इसे परमानेंट स्टोर किया जा सकता है या इसे काटकर अंदर से देखा जाना चाहिए।

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