तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट

मौसम का मिजाज के बदलाव का असर कई राज्यों में नज़र आने लगा है। हालाँकि अभी उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में सख्त गर्मी और झुलसने वाला माहौल बरक़रार है वहीं कई राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने के साथ ओलावृष्टि के संकेत भी है।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमीय प्रणालियों के असर से आने वाले दिनों में देश के अधिकतर हिस्सों में मौसम में बदलाव होगा। इसी बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार ज़ोर पकड़ रही है। अनुमान है कि अगले पांच दिनों में इसके कई नए राज्यों में आगे बढ़ने की संभावना है।

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम मेंबदलाव के चलते उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है,

इस बीच मौसम विभाग की ओर से कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने लखनऊ में मौसम में हलके बदलाव की बात कही है। साथ ही यह भी कहा है कि कोई बड़ा परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। ऐसे में आने वाले 3 से 4 दिनों तक तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहेगा। संकेतों के आधार पर मौसम विभाग ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।

लखनऊ में बीती रात से बादलों की आवाजाही के बावजूद शहरी इलाक़े में सुबह से मौसम साफ है। देर रात आई आंधी और हल्की बूंदाबादी से हवा में कुछ राहत है। हालाँकि सुबह से निकली तेज धूप ने तपन बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।

इस बीच मौसम विभाग ने आज लखनऊ का अधिकतम तापमान 37 डिग्री तक जाने के संकेत दिए हैं। यह कल बुधवार के अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस 4 डिग्री कम रहेगा। वहीं, न्यूनतम तापमान 27 डिग्री के आसपास रहेने की उम्मीद मौसम विभाग ने जताई है।

बताते चलें कि बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी के साथ 41.4 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री रहा। यह सामान्य से 2.2 डिग्री ज्यादा था। अधिकतम आर्द्रता 63 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 27 फीसदी दर्ज की गई।

मौसम विभाग की मानें तो उत्तर प्रदेश में मानसून 18 जून के बाद कभी भी दस्तक दे सकता है। वहीं लखनऊ में मानसून के 20 जून के आसपास पहुंचने की संभावना जताई गई है। गौरतलब है कि 3 दिनों की देरी से 4 जून को मानसून केरलम पहुंच गया है।

मौसम विभाग का कहना है कि 11 से 16 जून तक उत्तराखंड में कई इलाक़ों में वर्षा हो सकती हैं। हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू और कश्मीर में भी इस अवधि के दौरान बारिश होने के आसार हैं।

पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा पूर्वी राजस्थान में भी 11 से 16 जून के बीच कई स्थानों पर बारिश दर्ज की जा सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है।

बंगाल की खाड़ी में भी मानसूनी गतिविधियां मजबूत नज़र आ रही हैं। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी मानसून के पहुंचने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।

दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां लगातार अनुकूल बनी हुई हैं। अगले पांच दिनों के दौरान मानसून मध्य अरब सागर के और हिस्सों में पहुंच सकता है। इसके साथ ही महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु के शेष भागों में भी इसके आगे बढ़ने की संभावना है।

दिल्ली और एनसीआर में हाल के दिनों में हुई बारिश और तेज हवाओं ने लोगों को सख्त गर्मी से कुछ राहत दी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर अभी जारी रह सकता है। विभाग के अनुसार 11 जून को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।

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