संसद की रिपोर्ट का दावा कि ईरान से जंग में ट्रंप को पड़ी भारी कीमत चुकानी पड़ी

अमरीकी संसद की एक रिपोर्ट इस समय बहुत चर्चा में है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के खिलाफ 40 दिनों तक चले सैन्य अभियान में अमरीका के कुल 42 विमान या तो नष्ट हो गए या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। जवाब में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि अमरीकी संसद ने खुद स्वीकार किया है कि युद्ध के दौरान अरबों डॉलर के कई विमान नष्ट हुए हैं।

ईरान युद्ध को लेकर सामने आने वाली इस रिपोर्ट ने वैश्विक स्तर पर एक नई बहस छेड़ दी है। अब रिपोर्ट के हवाले से अमरीकी सैन्य ताकत, युद्ध रणनीति और अभियान की वास्तविक कीमत को लेकर गंभीर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रक्षा विभाग ने अब तक अभियान में हुए कुल नुकसान की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

रिपोर्ट से पता चलता है कि इजरायल के साथ मिलकर अमरीका ने ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ चलाया। इसी साल की 28 फरवरी को शुरू हुए इस मिशन में लगातार 40 दिनों तक हवाई और समुद्री हमले किए गए। रिपोर्ट बताती है कि नुकसान झेलने वाले विमानों में लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन शामिल हैं।

रिपोर्ट की माने तो अप्रैल में युद्धविराम के चलते हालात कुछ समय के लिए शांत हुए थे, मगर कुछ सप्ताह बाद फिर हमले शुरू होने से हालात बिगड़ गए। इस बीच पेंटागन के कार्यवाहक कंट्रोलर जूल्स डब्ल्यू हर्स्ट थर्ड ने 12 मई 2026 को हुई सुनवाई में बताया कि ईरान अभियान पर अमरीकी खर्च बढ़कर 29 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।

गौरतलब है कि अमरीकी संसद की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि नुकसान के आंकड़े आगे चलकर बदल भी सकते हैं। दरअसल ऐसा आधार पर कहा गया है क्योंकि कई सूचनाएं अभी गोपनीय हैं, साथ ही सैन्य कार्रवाई से जुड़ी जांच जारी है।

बताते चलें कि यह जानकारी न्यूज रिपोर्टों सहित अमरीकी रक्षा विभाग और अमरीकी सेंट्रल कमांड के बयानों के आधार पर तैयार की गई है। रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक़, जिन विमानों को नुकसान पहुंचा या जो पूरी तरह तबाह हुए, उनमें चार F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान, एक F-35A लाइटनिंग-II लड़ाकू विमान और एक A-10 थंडरबोल्ट-II हमला विमान शामिल हैं।

इसके साथ होने वाले अन्य नुकसान में एक E-3 सेंट्री AWACS विमान, दो MC-130J कमांडो-II विशेष अभियान विमान, सात KC-135 स्ट्रैटोटैंकर ईंधन भरने वाले विमान और एक HH-60W जॉली ग्रीन-II हेलीकॉप्टर प्रभावित होने गई है। वहीँ इस रिपोर्ट में 24 MQ-9 रीपर ड्रोन सहित एक MQ-4C ट्राइटन ड्रोन के क्षतिग्रस्त होने की भी बात कही गई है।

वहीँ इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि युद्ध शुरू होने के महीनों बाद अमरीका अब नुकसान मानने को मजबूर हुआ है।

अराघची ने आगे दुनिया को और बड़े ‘सरप्राइज’ देखने को मिल सकने की बात के साथ के साथ दावा किया कि ईरान की सेना दुनिया की पहली ऐसी सेना बनी जिसने F-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया। उन्होंने यह भी कहा कि इस युद्ध से ईरान ने कई महत्वपूर्ण सैन्य अनुभव हासिल किए हैं।

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